कुल्लू टूडे
कुल्लू
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की केन्द्रीय कमेटी के आह्यन पर पूरे देश में रोजी रोटी पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ व आम जनता विरोधी बजट के विरोध में 22 से 28 फरवरी तक अभियान व विरोध कार्यवाइंया की जायेगी। आज प्रदेश मे जगह-2 विरोध प्रदर्शन किए जा रहे है।
कुल्लू में सैंकड़ों लोगों ने सरवरी से जिला उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाल कर केन्द्र सरकार की आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में आये लोगों को सम्बोधित करते हुए पार्टी के जिला महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि मोदी सरकार भारतीय धनी परिवारों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों से आम जनता की रोजी-रोटी पर लगातार हमले जारी है।
केन्द्र की भाजपा सरकार ने अडानी व अन्य पूंजिपतियों को फायदे पहुंचाने के सिवा कुछ नही किया।
सौंखला ने कहा कि अडानी ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाये गए आरोपों की उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है।
जब तक जांच पूरी नही होती और सच सामने नही आता तब तक देश और देश की जनता के हितों की हिफाज़त की जानी चाहिए।
एलआईसी के करीब 80,000 करोड़ रूपये अडानी की कम्पनियों में लगे है। एसबीआई से कुल बैंकों का ं40 फिसदी ऋण लिया गया है।
दोनों ऐसी संस्थाएं है जिनके पास करोडों भारतीयों ने भविष्य की सुरक्षा की खातिर अपनी जिदगी भर की बचतों को लगाया है। मोदी सरकार मौन बैठी है।
भारतीय अर्थव्यवस्था का लडखडाना जारी है मंदी के हालात और तीखे हो रहे है।
देश में अमीरी और गरीबी के बीच खाई बहुत बढ़ रही है। ऑक्सफेम की रिर्पोट दिखाती है कि भारत में 1 फिसदी धनी भारतीय देश की 40 फिसदी सम्पदा के स्वामी है।
दूसरी तरफ सबसे निचले पायदान पर खड़ी देश की 50 फिसदी आबादी के पास देश की 3 फिसदी सम्पदा है। जिनके पास 40 फिसदी सम्पदा है वे मात्र 3.2 फिसदी कर अदा करते है। जिनके पास 3 फिसदी सम्पदा है। उनसे 64.3 फिसदी कर वसूल किया जाता हैं।
पार्टी मांग करती है कि अमीरों को दी जा रही कर रियायतों में को पलटा जाए। संपदा कर व पैतृक कर लगाया जाये। और जनता पर आर्थिक बोझ कम करने और मंहगाई पर रोक लगाने के लिए सभी आयश्यक वस्तुओं पर तथा विशेषकर खाद्य आइटमों लगाई गई जी.एस.टी. को खत्म किया जाए।
सबको सस्ता राशन दिया जाए, रोज़गार पैदा करने करने वाली परियोजनाओं में सार्वजनिक निवेशों को बढाया जाए।
