कुल्लू टूडे
कुल्लू
कुल्लू जिला के उपमंडल बंजार के सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोटला में एक छात्र की निर्मम पिटाई मामले में एसडीएम बंजार मामले की जांच करेंगे।
उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने इस मामले में एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। डीसी आशुतोष गर्ग ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
गौरतलब है कि छात्र को सिर्फ एक अध्यापक ने नहीं पीटा बल्कि तीन अध्यापकों ने पिटाई कर डाली जिसमें एक अध्यापिका भी शामिल है।
बच्चे की गलती सिर्फ यह थी कि छुट्टी होने से पहले वह अपने सहपाठी के साथ मजाक कर रहा था और दोनों आपस में खूब हंस रहे थे। 12वीं कक्षा छात्र देवेंद्र शर्मा की पिटाई पहले मिडिल स्कूल के अध्यापक ने की।
अब सवाल यह उठता है कि 12वीं की कक्षा में आठवीं का अध्यापक क्या करने आया था।
पीड़ित छात्र देवेंद्र शर्मा के पिता कृष्ण शर्मा ने बताया कि वह किसी समारोह में बाहर गए थे और उन्हें घर आकर तब पता चला जब गांव में चर्चा चली थी कि उनके बेटे की अध्यापकों ने पिटाई कर डाली।
उन्होंने कहा कि अधयापकों द्वारा बिना बात के बेरहमी से पिटाई करने के बाद से उनका बेटा मानसिक रूप से परेशान हो गया है और उसने दूसरे दिन अपने पिता के पूछे जाने पर बताया कि इस तरह की घटना घटी है।
उन्होंने विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के अध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूल में सीसीटीवी लगे हुए हैं और उसकी फुटेज निकाल कर जांच की जाए कि मेरे बेटे की पिटाई किस कदर की है। उधर पीड़ित छात्र देवेंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूल में लास्ट पीरियड था और बच्चे घर जाने की तैयारी में थे।
उस समय बच्चे आपस में खूब हंस खेल रहे थे और इस बीच छूटी होने से पहले एक मिडिल स्कूल का अध्यापक उनकी क्लास में आया और छात्र देवेंद्र की पिटाई कर डाली जिससे सारे छात्र हैरान रह गए।
उसके बाद वह अध्यापक प्रिंसिपल व एक अध्यापिका को अपने साथ लाया और फिर से बच्चे की पिटाई इस कद्र कर डाली कि वह सांस भी नहीं ले पाया। छात्र देवेंद्र ने बताया कि एक अध्यापिका ने उसे सबसे ज्यादा पिटा।
अब सीसीटीवी की फुटेज निकलते ही पिटाई की असली तस्वीर सामने आएगी और पता चलेगा कि आखिर मिडिल स्कूल का अध्यापक बार-बार प्लस टू की क्लास में क्या करने आता है।
वहीं परिवार के लोगों को शक है कि सीसीटीवी के साक्ष्य को मिटाया जा सकता है यदि ऐसा हुआ तो स्कूल प्रबंधन कटघरे में होगा।
जानकारी के अनुसार छुट्टी होने से पहले सहपाठी आपस में खूब मजाक कर रहे थे और जब वह मिडिल स्कूल का अध्यापक 12वीं की कक्षा में प्रवेश किया तो उस समय देवेंद्र ने अपने सहपाठी को टिम शब्द का प्रयोग किया। उसके बाद छात्र की पिटाई शुरू कर दी।
बता दें कि सराज घाटी में मजाक करने की परंपरा बहुत पुरानी है। किसी की बात पर रिएक्ट करना हो तो टिम शब्द का प्रयोग होता। टिम शब्द आम प्रचलित है और सरेआम कहीं भी मजाक की स्थिति में इसका प्रयोग होता है।
