कुल्लू टूडे
बरमाना / एच आर शर्मा
बरमाणा में एसीसी सीमेंट प्रबंधन एवं ट्रक आपरेटरों के बीच माल भाडे को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच बीडीटीएस के दोनों की गुटबाजी की आपसी, खींचतान पुलिस तक पहुंच गई।
पूर्व में रहे सभा के कंट्रोलर व निवर्तमान सभा के सदस्य ध्यान सिंह ठाकुर ने बिलासपुर थाना में सभा के प्रधान राकेश रॉकी व वाइस चेयरमैन गंगा सिंह ठाकुर पर धक्का-मुक्की व गाली गलौज करने की शिकायत दर्ज करवाई है।
मिली जानकारी के अनुसार बरमाणा में शनिवार को माल भाडे को लेकर चल रहे गतिरोध को लेकर बीडीटीएस कार्यकारिणी की बैठक रखी गई थी।
इस बैठक में वर्तमान कार्यकारिणी और निवर्तमान कार्यकारिणी के बीच उस समय बहस शुरू हो गई। जब एक गुट ने दूसरे गुट के सदस्यों पर बैठक में भाग न लेने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर विवाद काफी बढ़ गया और मामला गाली – गलौच तक पहुंच गया।
विवाद के बढ़ने के बाद निवर्तमान कार्यकारिणी की तरफ से ध्यान सिंह ठाकुर ने पुलिस थाना बरमाणा के पास वर्तमान कार्यकारिणी के कुछ लोगों के विरूद्ध शिकायत पत्र दिया है।
ध्यान सिंह ठाकुर ने बताया कि जब वह अपने चार अन्य सदस्यों के साथ बीडीटीएस बरमाणा के कार्यालय में जा रहे थे तो कुछ लोगों ने उनके साथ कथित तौर पर धक्का – मुक्की की और गाली – गलौच किया।
एक ओर जहां एसीसी सीमेंट उद्योग में हुई तालाबंदी नहीं खुल पाई है। वहीं, दूसरी ओर ट्रक ऑपरेटरों में भी रोष है।
लेकिन बरमाणा बीडीटीएस सभा के ट्रक ऑपरेटरों की गुटबाजी भी खत्म नहीं हो पा रही है। इसका उदाहरण शनिवार को देखने को मिला है। जब बीडीटीएस बरमाणा में ट्रक ऑपरेटर आमने-सामने हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों में खूब बहस बाजी हुई है।
दूसरे पक्ष में रहे सभा के प्रधान राकेश ठाकुर और गंगा सिंह ने भी पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत करवा दी है ।
जानकारी के अनुसार शनिवार को ट्रक ऑपरेटर बीडीटीएस बरमाणा पुकार हाल पहुंचे।
इस दौरान ऑपरेटरों में किसी बात को लेकर बहस बाजी शुरू हो गई। वहीं, दोनों पक्षों में गाली गलौच भी हुई। जिसके चलते दोनों पक्षों ने अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई।
बताया जा रहा है कि इस बात की सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। बीडीटीएस सभा के इन ट्रक ऑपरेटरों में हुई बहसबाजी चर्चा बनी हुई है।
बता दें कि बीडीटीएस बरमाणा के ट्रक ऑपरेटर करीब डेढ़ माह से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन ऑपरेटरों की समस्या खत्म नहीं हो पाई है। ट्रक ऑपरेटरों को लाखों का नुकसान हो चुका है।
वहीं जहां एक ओर समस्या लगातार बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर ट्रक ऑपरेटरों की गुटबाजी भी उजागर हो रही है।
