Spread the love

कुल्लू टूडे

कांगड़ा

डीएफओ वन्य प्राणी विंग रेगिनॉल्ड रॉयस्टॉन ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष पहली बार सुगनाड़ा क्षेत्र में बोटिंग पॉइंट के पास लम्बी पूंछ वाली बतख पाई गई है। यह बतख अधिकतर अमेरिकन महाद्वीप में पाई जाती है। इससे पहले भारत में कश्मीर घाटी में ही इस प्रजाति की एक बतख पाई गई है।

इस वर्ष अन्य प्रमुख प्रजातियों में यूरेशियन कूट (13035), उत्तरी पिंटेल (15784), कॉमन टील (6478) हैं। कॉमन पोचर्ड (8096), यूरेशियन कबूतर (1674), लिटिल कॉर्मोरेंट (6565), नॉर्दर्न शोवेलर (1518) और ग्रेट कॉर्मोरेंट (2768) झील में रिपोर्ट की गई।

जबकि अन्य असामान्य प्रजातियों में लेसर व्हाइट, फ्रंटेड गूज, रेड क्रेस्टेड पोचर्ड, फेरुगिनस पोचर्ड, पाइड एवोकेट, नॉर्दर्न लैपविंग, कॉमन केस्ट्रेल आदि पाई गई। मतगणना अभ्यास के दौरान एक रिंग्ड बार- हेडेड गूज भी देखा गया।

कृषि मंत्री चंद्र कुमार का कहना है कि पौंग झील में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं तथा इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर विश्व के पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे। जिससे स्थानीय लोगों विशेषकर वेरोजगार युवाओं को रोज़गार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित हो सकें।

उपायुक्त डॉ निपुण जिंदल ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु के दिशानिर्देशानुसार इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इको टूरिज्म सहित अन्य रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को विकसित करने की संभावनाओं पर विशेष कार्य किया जाएगा।

Leave a Reply

You missed

error: Content is protected !!