कुल्लू टूडे
बिलासपुर/ कश्मीर ठाकुर
रावमापा पंजगाई के स्कूल प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष छोटा राम ठाकुर ने प्रदेश मुख्यमंत्री को सोमवार को ज्ञापन सौंपा,जिसमे उन्होंने पाठशाला के प्रधानाचार्य प्रिंसिपल सुरेंद्र पाल चड्डा पर भ्रष्टाचार से सबंधित कई तरह के आरोप जड़े हुए थे।
छोटा राम ने ज्ञापन में प्रदेश मुख्यमंत्री के संज्ञान में भ्रष्टाचार में सलग्न प्रधानाचार्य की छवि को लाते हुए कहा है, कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाई में कार्यरत प्रधानाचार्य अवेध रूप से पाठशाला में आहरण और वितरण अधिकारी की शक्तियों का काफी समय से दुरुपयोग कर रहे है।
उन्होंने लिखा है की उक्त प्रधानाचार्य अपने सेवाकाल में जिस भी पाठशाला में कार्यरत रहे है वहां पर अपने गंदे आचरण और भ्रष्टाचारी गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहे है।
राजकीय उच्च पाठशाला बलधाड़ में भी छात्रों को छात्रवृत्ति डकार चुके है जिसके कारण 25मार्च 2021में शिक्षा विभाग ने इनकी आहरण और वितरण शक्तियां तक छीन ली गई थी परंतु अपने राजनीतिक पहुंच के कारण यह अपने निलंबित होने से बच गए थे।
उन्होंने यह भी लिखा है कि विभागीय आदेशों को भी ठेंगा दिखाकर 2 वर्षो में उक्त प्रधानाचार्य ने कोषाधिकारी बिलासपुर से मिलकर विभाग द्वारा छीनी गई आहरण और वितरण शक्तियों के वावजूद असंवैधानिक तौर पर अनाध्रिकत रूप से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाई में गैरकानूनी ढंग से कार्य करना शुरू कर दिया है।
छोटा राम ने प्रधानाचार्य के आचरण पर शंका जाहीर करते हुए बताया कि उन्होंने सच्चाई को जानने के लिए शिक्षा विभाग से सूचना के अधिकार के अंतर्गत रिपोर्ट मांगी तो विभाग ने बताया की उक्त प्रिंसिपल की आहरण और वितरण शक्तियां वर्ष 2021में छीन ली गई है,जोकि अभी तक वापिस नही दी गई है।
पाठशाला के पूर्व स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष छोटा राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए लिखा है कि उक्त प्रिंसिपल द्वारा अपने सम्पूर्ण कार्यकाल की अवधि में जिन भी पाठशालाओं में यह कार्यरत रहे है,उनमें अधिकृत रूप से सरकारी खजाने और पाठशाला फंड और अन्य अनुदान राशियों एवम आहरण और वितरण में को भी गमन किया गया है,उसकी जांच कर कड़ी कार्यवाही की जाए।
