कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
बिलासपुर में भाजपा वरिष्ठ नेता रूप लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने अपने वितिय ढांचे को सुधारने के लिए अब जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की पूरी तैयारी कर दी है, जिसके तहत अब पहले से निशुल्क मिलने वाली सुविधाएं प्राप्त देने के लिए शुल्क देना होगा।
हिमाचल प्रदेश में जन्म, विवाह प्रमाण पत्र और परिवार नकल के लिए अब शुल्क अनिवार्य है तथा पंचायतों में भी मुफ्त सेवा खत्म हो गई है। इससे आम आदमी की जेब पर बोझ पड़ने वाला है।
उन्होंने कहा कि झूठी गारंटियों के सहारे प्रदेश की सता में आई कांग्रेस सरकार ने भले ही जैसे कैसे चार साल गुजार लिए हों लेकिन इन चार सालों में जनता को पछतावा जरूर हुआ हैै। शीघ्र ही प्रदेश की जनता इसका प्रायश्चित कांग्रेस सरकार को बाहर का रास्ता दिखाकर करेगी।
रूप लाल ठाकुर ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत जन्म प्रमाण पत्र के लिए 80 रुपये, परिवार नकल के लिए 13.80 रुपये और विवाह पंजीकरण के लिए 400 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
नए नियमों के तहत यह शुल्क क्यूआर कोड के माध्यम से सीधा सरकारी खाते में जमा होगी और बाद में यह कागज बैवसाईट के प्रोसेस से गुजरता हुआ तैयार होगा।
हिमाचल प्रदेश में अब जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण करवाने के लिए लोगों को शुल्क देना होगा।
उन्होंने कहा कि यह नया सिस्टम लगभग एक सप्ताह पहले लागू किया जा चुका है तथा हैरानी की बात यह है कि इससे पहले पंचायतों में ये सेवाएं निशुल्क उपलब्ध होती थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की जेब को पूरी तरह से खाली करने का मसौदा तैयार कर लिया है, इस प्रक्रिया में सरकारी शुल्क के अलावा प्रमाण पत्र तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कागज और छपाई का खर्च भी पंचायतें अपने स्तर पर ले सकेंगी।
ऐसे में लोगों को निर्धारित सरकारी शुल्क के अलावा पंचायत स्तर पर लगने वाला यह खर्च भी देना पड़ेगा।
रूप लाल ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी गलत नितियों के कारण वितिय संकट से जूझ रही है, अनियंत्रित खर्चे और बेरोक टोक नेता और अफसरशाही प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही है। अब सरकार ने इसकी भरपाई जनता की जेब से करेगी, जो कि किसी भी लिहाज से तर्क संगत नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण बहुल में लोग आर्थिक रूप से इतने संपन्न नहीं होते और यह अतिरिक्त बोझ जनता सहन नहीं कर पाएगी।
उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं।
विभिन्न सरकारी कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में इनकी आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में शुल्क लागू होने से पंचायतों में इन सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
रूप लाल ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यह मामला सीधा आम आदमी से जुड़ा है, लिहाजा इस फरमान को वापिस लेकर जनता को राहत पहुंचाई जाए।
