कुल्लू टुडे
भुंतर
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के भुंतर उप मंडल में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। बजौरा और साथ लगते क्षेत्रों तथा परला भुंतर, जिया, हाथीथान, भुईन और गुरुद्वारा के आसपास के इलाकों में पुराने बिजली मीटरों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटरों से बदला जा रहा है।
जानकारी देते हुए विद्युत उपमंडल HPSEBL भुंतर के सहायक अभियंता अमन कुमार ने बताया कि यह कार्य केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के मीटरिंग विनियमों और हिमाचल प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता के तहत स्वीकृत स्मार्ट मीटरिंग कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है।
उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि अधिकृत टीम को मीटर तक पहुंच उपलब्ध करवाकर सहयोग करें।
*पुराना मीटर ठीक है तो बदल क्यों रहे हैं? – सहायक अभियंता ने दूर किया भ्रम*
अमन कुमार ने कहा कि कई उपभोक्ताओं के मन में सवाल है कि जब पुराना मीटर ठीक है और सही बिल आ रहा है, तो बदलने की क्या जरूरत है?
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य बिजली की दर या खपत बढ़ाना बिल्कुल नहीं है, बल्कि रीडिंग और बिलिंग को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाना है।
*स्मार्ट मीटर के 5 बड़े लाभ जो हर उपभोक्ता को जानने चाहिए*
*रोज की खपत मोबाइल पर*
अब आप ऐप, वेबसाइट या SMS से रोज देख सकेंगे कि कितनी बिजली खर्च हुई और किस उपकरण – गीजर, हीटर, पंप ने कितनी ली।
*अनुमान वाले बिलों से छुटकारा*
रिमोट रीडिंग से समय पर सही बिल आएगा, अंदाजे वाला बिल नहीं बनेगा।
*बिल में गड़बड़ी का तुरंत पता*
अगर खपत अचानक बढ़ी तो तुरंत पता चलेगा, लीकेज या किसी उपकरण की खराबी का भी पता लगेगा।
*मीटर रीडर का इंतजार खत्म*
रीडिंग लेने के लिए बार-बार घर आने की जरूरत नहीं, प्राइवेसी भी बनी रहेगी।
*बिल पर कोई असर नहीं*
केवल मीटर बदलने से बिल नहीं बढ़ता। बिल आज भी वास्तविक खपत और लागू दरों पर ही बनेगा। प्रीपेड का कोई झंझट नहीं।
सहायक अभियंता ने कहा कि यदि किसी को बिल ज्यादा लगे तो वह अपनी दैनिक खपत को चलाए गए उपकरणों से मिलान कर सकता है।
फिर भी शंका हो तो विद्युत उपमंडल कार्यालय, HPSEBL, भुंतर में कार्यालय समय में संपर्क कर मीटर की जांच करवाने के साथ अपनी शंकाओं का निराकरण कर सकते हैं।
