कुल्लू टुडे
बिलासपुर, हेमराज शर्मा
इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा जिला स्तरीय जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस समिति की बैठक बचत भवन में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त एवं उपाध्यक्ष इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी शाखा बिलासपुर रूपिंदर कौर ने की।
बैठक में विभिन्न विभागों, स्कूलों, महाविद्यालयों, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों, रेड क्रॉस के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों, जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस समन्वयकों तथा शिक्षक परामर्शदाताओं सहित लगभग 35 सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस केवल सदस्यता तक सीमित गतिविधि न रहे, बल्कि युवाओं को सामुदायिक सेवा, मानवीय कार्यों और नेतृत्व के अवसरों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय, महाविद्यालय एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान में जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस इकाइयों को सक्रिय और व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए तथा उनके लिए नियमित गतिविधियों की वार्षिक कार्य योजना तैयार की जाए।
उन्होंने समिति के सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को रेड क्रॉस की गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने विशेष रूप से सुझाव दिया कि रेडक्रॉस के सदस्य, स्वयंसेवक, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं अनुभवी व्यक्ति जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस इकाइयों को अपनाकर उनका मार्गदर्शन करें।
उन्होने कहा कि युवाओं को केवल सदस्य बनाना पर्याप्त नहीं है बल्कि उन्हें सदस्यता से सार्थक सहभागिता की दिशा में आगे बढ़ाना आवश्यक है।
उन्होने कहा कि आपदा अथवा किसी आपात स्थिति के समय प्रशिक्षित युवा रेड क्रॉस स्वयंसेवक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ऐसे में विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर से ही युवाओं में मानवीय मूल्यों, अनुशासन, सेवा भावना और आपदा के समय सहायता करने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।
बैठक में युवाओं को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक कौशल प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।
इसके तहत प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, रक्तदान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पौधरोपण, सामुदायिक सेवा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति तथा जरूरतमंद और कमजोर वर्गों की सहायता जैसी गतिविधियों को जूनियर रेड क्रॉस एवं यूथ रेड क्रॉस के नियमित कार्यक्रमों में शामिल करने पर चर्चा हुई।
