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कुल्लू टुडे

शिमला

हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीजीएमएसएसएस) पोर्टमोर, शिमला में वर्ष 2025-26 की आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप, एशियन स्कूल चैंपियनशिप तथा 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों के सम्मान में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास के लिए आधुनिक आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 11 स्पोर्ट्स हॉस्टल संचालित हैं तथा चौपाल और शिलाई में नए हॉस्टल शीघ्र शुरू किए जाएंगे।

प्रदेश में 14 कोचों की भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि स्पोर्ट्स हॉस्टलों में कुराश, ठोडो और कराटे जैसी नई खेल विधाओं को भी शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 48 पदक जीते थे तथा इस वर्ष सरकार ने 100 पदक हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बीते वर्ष 1,150 स्कूली खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की डाइट मनी 120 रुपये से बढ़ाकर 240 रुपये कर दी गई है तथा छह माह की राशि अग्रिम जारी कर दी गई है।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को वर्तमान में 350 रुपये प्रतिदिन सहायता राशि दी जा रही है, जिसे बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि भी 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि खेल कोटे के माध्यम से अब तक 100 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं तथा खेल कोटे की प्रवेश प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

प्रदेश के 150 पीएम श्री विद्यालयों में म्यूजिक टीचरों की नियुक्ति की जाएगी तथा इसके बाद सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में भी ऐसे शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक 10 हजार से अधिक शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 8,000 नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं।

पहली बार सरकारी विद्यालयों के 50 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया है, जिससे दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वैश्विक अनुभव प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा के तहत वर्तमान सरकार ने 90 से 100 प्रतिशत तक बजट व्यय सुनिश्चित किया है, जबकि पूर्व में यह काफी कम था। उन्होंने बताया कि ठाकुर रामलाल स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स, जुब्बल में 148 छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।

रोहित ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2025 में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर पूर्ण साक्षर राज्यों की श्रेणी में स्थान बनाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है तथा सरकार अधिकाधिक विद्यार्थियों को खेलों से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। लंबे समय बाद राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेलों को बढ़ावा तथा युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, शारीरिक शिक्षा अध्यापकों एवं खेल विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके सामूहिक प्रयासों से हिमाचल प्रदेश शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

अंत में हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि समारोह का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना तथा उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने कहा कि 2030 में कॉमनवेल्थ खेल और ओलंपिक के लिए अधिक से अधिक खिलाड़ी हिमाचल प्रदेश से हो, इस दिशा में प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। स्पोर्ट्स हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं और आधुनिक प्रशिक्षण खिलाड़ियों को दिया जा रहा है।

विजेता खिलाड़ियों के बैंक खाते खुलवाए गए हैं और उन्हें एक क्लिक के माध्यम से इनाम राशि ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही इन्हें एटीएम भी दिए गए हैं। प्रदेश में 98 जोनल स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिताओं में करीब 80 हजार हिस्सा लेते है।

इसके बाद जिला स्तर और फिर राज्य स्तरीय खेलों में करीब 15 हजार से 16 हजार खिलाड़ी हिस्सा लेते है। इसके बाद 1100 से 1300 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचते है। प्रदेश के 11 हॉस्टल में करीब 456 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे है।

उन्होंने बताया कि 15 लाख रुपए स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए जारी किए जा चुके है। इनमें से 10 लाख रुपए आधारभूत ढांचे और 5 लाख रुपए जिम के लिए खर्च किए जा रहें है। अंडर-14 की खेलों में हिमाचल के पास 3 ही मेडल रहे है लेकिन पिछले वर्ष इतिहास रचते हुए हमने 13 मेडल राष्ट्रीय खेलों में हासिल किए है।

इस मौके पर राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा ने कहा कि खेलो को स्कूलों में बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 650 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से एशिया के अग्रणी संस्थान नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स-पटियाला, पंजाब में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

समग्र शिक्षा के तहत हो रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संस्थान में पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक खेल तकनीकों, फिटनेस प्रबंधन, खेल मनोविज्ञान तथा वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, ताकि वह विद्यार्थियों को बेहतर और प्रतिस्पर्धी खेल प्रशिक्षण प्रदान कर सकें।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

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