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कुल्लू टुडे

विनोद महंत

संत निरंकारी मिशन का संदेश सेवा, सिमरन और सत्संग से युवा बनें समाज सुधार की शक्ति

संत निरंकारी मिशन के तत्वज्ञान पर आधारित संदेश में युवाओं को जीवन की मूलभूत सच्चाइयों से जोड़ते हुए पंच तत्वों से सीख लेने की प्रेरणा दी गई।

बताया गया कि जिस प्रकार पृथ्वी स्वयं को संतुलित और पुनर्जीवित कर लेती है, उसी प्रकार मानव शरीर भी पांच तत्वों से बना होने के कारण स्वयं को संभालने और उपचार करने की क्षमता रखता है।

यूवाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि आज का युवा यदि इस तत्वज्ञान को समझ ले, तो वह न केवल खुद को नशे और बुरी आदतों से बचा सकता है, बल्कि दूसरों को भी सही मार्ग दिखा सकता है।

विशेष रूप से उन युवाओं पर ध्यान देने की बात कही गई जो नशे के जाल में फंस रहे हैं। उन्हें गिरने से बचाना, संभालना और सही दिशा देना ही सच्ची सेवा है।

इस दौरान यह भी संदेश दिया गया कि किसी भी भटके हुए युवा के लिए सबसे बड़ा उपचार उसे सतगुरु के चरणों से जोड़ना और ब्रह्म ज्ञान की ओर प्रेरित करना है।

जब युवा सेवा, सिमरन और सत्संग से जुड़ता है, तो उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और वह गलत संगत से स्वतः दूर हो जाता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि आज का युवा जागरूक है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए तैयार है।

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