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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

हिमाचल प्रदेश में वाहनों के एंट्री टैक्स और पासिंग फीस में की गई बढ़ोतरी को लेकर बीडीटीएस के विपक्ष धड़े में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

यह मुद्दा बिलासपुर स्थित हनुमान टिल्ला मंदिर में पूर्व बीडीटीएस प्रधान जीत राम गौतम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि अपने ही राज्य में हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाना अन्यायपूर्ण है।

उनका तर्क था कि यदि यह व्यवस्था जारी रही तो पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा और पंजाब भी इसी प्रकार का टैक्स लागू कर सकते हैं, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ेगी और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ट्रांसपोर्टरों ने वर्तमान प्रधान पर आरोप लगाया कि उन्होंने ट्रांसपोर्टरों की सहमति के बिना मुख्यमंत्री राहत कोष में 15 लाख और 5 लाख रुपये की राशि दी। उनका कहना है कि यह कदम निजी स्वार्थ से प्रेरित प्रतीत होता है।

उन्होंने कहा कि पहले ही सीमेंट ढुलाई का कार्य सीमित मात्रा में मिल रहा है, ऐसे में अतिरिक्त करों का बोझ ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को और कमजोर कर देगा। सिविल सप्लाई में भाड़ा बढ़ोतरी को लेकर भी नाराजगी जताई गई।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि 10 दिनों के भीतर भाड़ा बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। केवल प्रधान पद को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री को खुश करने की कोशिश की जा रही है।

बीडीटीएस के विपक्षी गुट ने ट्रांसपोर्टरों के हितों की सुरक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन और एक और बैठक बुलाने की घोषणा की है। आगामी बैठक में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

देर शाम तक चली इस बैठक में पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर, अनिल हैप्पी, कुलदीप ठाकुर, पूर्व वरिष्ठ उप प्रधान कमल किशोर, पूर्व महासचिव प्रदीप ठाकुर, कश्मीर सिंह, जय सिंह, संतोष ठाकुर और शेर सिंह ठाकुर सहित कई ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे।

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