कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की दैनिक डायरी प्रणाली को बंद करने का निर्णय एक सराहनीय, दूरदर्शी एवं समयानुकूल कदम है।
वर्तमान परिदृश्य में शिक्षक पहले से ही शैक्षणिक, सह.शैक्षणिक तथा विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
ऐसे में प्रतिदिन शिक्षक डायरी का संधारण एक अतिरिक्त औपचारिकता बनकर रह गया था, जिससे शिक्षकों का बहुमूल्य समय कागजी कार्यों में व्यर्थ हो जाता था।
गौरतलब है कि शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, रुचि, आवश्यकता और दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए अध्यापन कार्य करते हैं।
ऐसे में शिक्षक डायरी का वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा था और इसके परिणाम भी नगण्य सिद्ध हो रहे थे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ के जिला बिलासपुर के अध्यक्ष नरेश ठाकुर, उप प्रधान बलवंत ठाकुर, सचिव सुशील ठाकुर, राजीव चैधरी, विकास चैहान, संजीव कौशल, गौरव टाडू, प्रशांत, विनोद, अनिल, सुरेंद्र, गुरमीत, अशोक, संजू संख्यान, मेघा चैहान, सपना कलसी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला शिक्षकों को अनावश्यक बोझ से मुक्त कर उन्हें शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इसे शिक्षक हित में लिया गया एक सकारात्मक और प्रशंसनीय निर्णय बताया।
