कुल्लू टूडे
बंजार
जिला कुल्लू की बंजार विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुरेंद्र शौरी ने प्रदेश सरकार की उदासीनता और क्षेत्र की उपेक्षा पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि आपदा को घटित हुए पूरे तीन माह बीत चुके हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार और इसके मंत्री बंजार क्षेत्र की सुध लेने तक नहीं आए।
विधायक शौरी ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रमुख व ग्रामीण सड़कें बंद हैं और आज तक बंजार मुख्यालय तक बड़े वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो पाई है। इससे आमजन व बागवानों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है।
बावजूद इसके सरकार की ओर से अब तक न तो कोई समीक्षा बैठक की गई है और न ही राहत व पुनर्वास की कोई ठोस नीति बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि तीर्थन घाटी के लिए बस सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। बंजार- गाड़ागुशैनी सड़क पर ग्रामीण स्वयं वैकल्पिक पुल लगाकर आवागमन कर रहे हैं और जान जोखिम में डालकर सफर करने पर मजबूर हैं।
बहुत से सरकारी संस्थानों व सरंचनाओं का विधानसभा क्षेत्र में नुकसान हुआ है और सरकार इस ओर उदासीन है।
बंजार बस डिपो से कोई भी बस सेवा संचालित नहीं हो रही, लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा अब तक आश्वासन देने तक नहीं आया।
क्षेत्र के कई प्रभावित परिवारों को फौरी राहत तक नहीं मिल पाई है, जबकि सरकार और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
विधायक शौरी ने कहा कि प्रदेश सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो उसने बंजार विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व को ही नकार दिया हो।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद प्रदेश सरकार का कोई मंत्री तक अब तक क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेने नहीं आया, जो कि बेहद निराशाजनक और अमानवीय रवैया है।
अंत में विधायक शौरी ने प्रदेश सरकार से मांग की कि वह तुरंत क्षेत्र में समीक्षा बैठकें आयोजित करे, प्रभावित परिवारों को फौरी राहत उपलब्ध कराए और सड़क व बस सेवाओं को प्राथमिकता से बहाल करे, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके।
