कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में मंदिर न्यास के सौजन्य से चल रहे श्रीमद्भागवत महात्म्य के पांचवे दिन प्रवचनों की अमृतवर्षा करते हुए श्रीश्री 1008 श्री महंत स्वामी संगम भारती ने बताया कि भगवान की लीला अपरम्पार है।
जिनका वर्णन करना किसी भी इंसान के वश की बात नहीं है लेकिन सभी वेद पुराणों का सार श्रीमद्भागवत में समाहित है जिसका श्रवण कर मानव जीवन का कल्याण हो सकता है।

संगम भारती ने कहा कि भगवान देने वाले है और प्रत्येक इंसान के जीवन में उन्होंने इतना कुछ दिया होता है लेकिन उसके मांगने की आदत नहीं जाती और जब मांगने की आदत पड़ जाती है तो देने की आदत छूट जाती है।
संगम भारती ने कहा कि वेद पुराणों में बताया गया है कि नारायण के दरबार में आना भी सौभाग्य होता है अतः जीवन में नर सेवा ही नारायण सेवा होती है इसे जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कलियुग के आवरण से कोई नहीं बच सकता केवल श्रीमद्भागवत श्रवण और सत्संग ही कलियुग से बचा सकता है।
पांचवे दिन उन्होंने श्रीमदभागवत का महात्म्य प्रवचन करते हुए कहा कि कलियुग का प्रभाव इतना ज्यादा होगा कि कोई भी इंसान इसके प्रभाव से बच नहीं सकता।
कलियुग का आवरण धीरे धीरे पृथ्वी पर मौजूद इंसान को अपने मोह पाश में जकड़ता जाएगा और इंसान का बचना मुश्किल होगा।
संगम भारती ने कलियुग का प्रभाव बताते हुए कहा कि यह युग धर्म, सत्य और नैतिकता में गिरावट का समय होगा। लोग भौतिक सुखों में लिप्त होंगे और आध्यात्मिक ज्ञान से दूर हो जाएंगे। अतः जीवन में सत्संग अपनाना चाहिए।
कथा के पांचवे दिन सुंदर प्रसंग सुनाया गया जिसमें भगवान ने अलग अलग अवतार लेकर राक्षसों के आतंक से मुक्ति दिलाई।
