कुल्लू टूडे
धर्मशाला (कांगड़ा)
भारी वर्षा और प्राकृतिक आपदा के कारण धर्मशाला क्षेत्र की मनुणी खढ में आई बाढ से अनेक लोग प्रभावित हुए संकट में घिर गए। ऐसे विकट समय में आरएसएस के स्वयंसेवक सबसे पहले सहायता लेकर पीड़ितों तक पहुँचे।
उन्होंने न केवल पीड़ितों को ढाँढ़स बंधाया, बल्कि प्रातःकाल का नाश्ता, फल, दलिया, बिस्कुट, चाय एवं दूध जैसी आवश्यक वस्तुएं भी वितरित कीं।
स्वयंसेवकों ने अनुशासित, संगठित और समर्पित भाव से सेवा कार्य को पूर्ण किया, जिससे संघ की कार्यशैली और सेवा भावना का स्पष्ट परिचय मिला।
वहीं स्थानीय लोगों की ने कहा कि “संघ ही पहला सहारा बना” आपदा के समय जब प्रशासनिक सहायता पहुँचने में समय लग रहा था, तब संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले सहायता लेकर पहुँचे और पीड़ितों के लिए आशा की किरण बने।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा,
जब हमें कोई मार्ग नहीं सूझ रहा था, संघ के कार्यकर्ता सबसे पहले सहायता लेकर आए और हमें संबल प्रदान किया।”
संघचालक श्री भूषण रेणा ने कहा कि “सेवा ही संगठन का मूल आधार है। यह केवल संघ की परंपरा नहीं, अपितु भारत की सनातन संस्कृति है कि संकट के समय सबसे पहले सेवा की जाती है। संघ आगे भी सेवा हेतु सदैव तत्पर रहेगा।
इस सेवा कार्य में संघ के कार्यकर्ता कागंडा विभाग संघचालक भूषण रेणा, जिला प्रचारक सूरज, विभाग सम्पर्क प्रमुख अभिषेक, सेवा प्रमुख अजय, योल खंड सेवा प्रमुख अनिल, व्यवस्था प्रमुख राजेन्द्र, खंड कार्यवाह नरेन्द्र, धर्मशाला से समाज सेवी शाश्वत कपूर, सुनील, राहुल, संजय एवं विकन की उल्लेखनीय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण राहत वितरण स्थल पर उपस्थित रहे।
