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कुल्लू टूडे

कुल्लू

जिला कुल्लू में शुक्रवार को एक व्यापक भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की परख करना था।

मॉक ड्रिल का परिदृश्य कांगड़ा जिले में सुबह करीब 9 बजे रिक्टर स्केल पर 8.0 तीव्रता के भूकंप आए पर आधारित था, और इसकी चपेट में कुल्लू भी आया।

ज़िला कुल्लू के सात स्थानों जिसमे सीएचसी तेगुबेहर के भवन को नुकसान, तिब्बतियन बाज़ार और भूतनाथ पुल को नुकसान होने , मनाली के अलेउ और आस पास के क्षेत्र में ग्लोफ (हिमनदीय झील फटने) की स्तिथि, निरमंड में तहसील कार्यालय को नुकसान, आनी के नालडेरा में रिहायशी भवनों एवं बाजार को नुकसान, बंजार के सिउंड डेम एनएचपीसी-3 सैंज घाटी और राजकीय महाविद्यालय बंजार के भवन क्षतिग्रस्त होने पर जैसे परिदृश्य पर पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया।

उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने बताया कि प्रातः 9 बजे के करीब कांगड़ा से भूकम्प की सूचना तुरंत बाद सरकारी विभाग हरकत में आये और निर्धारित स्थानों पर मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में भी सात स्थानों पर अलग-अलग हर तरह के परिदृश्य को ध्यान में रखकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया ताकि प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने में सक्षम हो।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देखने में आया है कि आपदा की दृष्टि से जिला कुल्लू संवेदनशील रहता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के पूर्व नियोजित अभ्यास के आयोजनों से सभी विभागों में आपसी तालमेल और समन्वय स्थापित होता है।

उन्होंने बताया कि आपदा अभ्यासों के आयोजनों से सभी को अपनी जिम्मेवारी का पता लगता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल से सभी विभागों के बीच समन्वय, जिम्मेदारी और प्रतिक्रिया क्षमता की समीक्षा की जाती है।

उन्होंने कहा कि कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

डीसी ने कहा कि सभी विभागों, आईटीबीपी, एसएसबी, होमगार्ड, पुलिस के जवानों, आपदा मित्रों और स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक पूर्वाभ्यास का आयोजन किया गया।

रेस्क्यू कार्यों में आईटीबीपी, एसएसबी, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, स्थानीय स्वयंसेवक और आपदा मित्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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