कुल्लू टूडे
हमीरपुर
ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, कृषि और पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार को ग्राम पंचायत पंजोत में लगभग साढे 16 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का उदघाटन किया।
उन्होंने लगभग 53 लाख रुपये से बनने वाले नए पंचायत घर और करीब 35 लाख रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किए जाने वाले पंचवटी पार्क की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर जनसभा को संबोधित करते हुए वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पंचवटी पार्क में बच्चों के लिए झूलों के अलावा ओपन जिम और कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मनरेगा के माध्यम से गांवों के चहुमुखी विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध करवा रही है तथा कई पंचायतें मनरेगा कनवरजेंस के माध्यम से बड़े-बड़े विकास कार्यों को भी अंजाम दे रही है। इसी कड़ी में सुजानपुर के निकट भलेठ में भी एक बेहतरीन धार्मिक एवं पर्यटन स्थल विकसित किया जा रहा है।
वीरेंद्र कंवर ने बताया कि प्रदेश सरकार पंचायत कार्यालयों का निर्माण अब बहुउद्देश्यीय भवनों के तौर पर कर रही है। इससे लोगों को एक ही छत के नीचे कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दायरा बढ़ाए जाने से लाखों वरिष्ठ नागरिक एवं जरुरतमंद लोग लाभान्वित हो रहे हैं। विभिन्न कारणों से असहाय जिंदगी जी रहे लोगों के लिए प्रदेश सरकार की सहारा योजना एक बहुत बड़ा सहारा साबित हो रही है। इनके अलावा अन्य योजनाओं का सीधा लाभ गरीब, जरुरतमंद और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर वीरेंद्र कंवर ने स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन किया तथा इन उत्पादों की सराहना की।
उन्होंने इन उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग पर जोर दिया तथा इनकी बिक्री हेतु शैड के निर्माण के लिए दस लाख रुपये तथा पंचायत के कॉमन सर्विस सेंटर के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
इससे पहले स्थानीय विधायक एवं हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उप मुख्य सचेतक कमलेश कुमारी ने ग्रामीण विकास मंत्री का स्वागत किया तथा भोरंज विधानसभा क्षेत्रों में करवाए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 46 करोड़ रुपये की योजना का कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
इस योजना के अलावा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की कई अन्य पेयजल योजनाओं के कार्य भी युद्ध स्तर पर करवाए जा रहे हैं। क्षेत्र की विभिन्न सडक़ों पर भी करोड़ों की धनराशि खर्च की जा रही है।
