कुल्लू टुडे
आनी
एक ओर प्रदेश की जयराम सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आयाम स्थापित करने के बड़े बड़े दावे करती है वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश सरकार में कुल्लू जिला से संबंध रखने वाले शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर के जिला में अनेक स्कूल भवनों की हालत बेहद ही खस्ता है। अभिभावक अपने नौनिहालों को इन स्कूलों में पढ़ाई के लिये भेजने से गुरेज करने लगे हैं।
ऐसा ही एक मामला जिला के आनी उपमंडल की फनौटी पंचायत का है। इस पंचायत में स्थित प्राइमरी स्कूल बनाला का भवन इतना जर्जर हो चुका है इतना ही नहीं यह किसी भूतबंगले से कम नहीं लगता है। इलाके के अभिभावक अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजने से कतराने लगे है।
स्थिति यह है कि स्कूल भवन कभी भी ढह सकता है। लेकिन शिक्षा विभाग कई सालों से इस मसले पर पूरी तरह से आंख मूंदे हुये संभवतः किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। हालांकि स्कूल प्रबंधन समिति पिछले दो तीन साल से इस मसले को गंभीरता से शिक्षा विभाग के साथ उठाता आ रहा है। लेकिन अभी तक न तो जर्जर हो चुके इस भवन को गिराया गया है और न ही यहां पर बच्चों को पढ़ाई के लिये नया भवन बनाया है।
हालांकि अभी तो छोटे बच्चों के लिये स्कूल बंद हैं लेकिन जल्द ही स्कूल खुलने वाले हैं तो ऐसे में बच्चोें के अभिभावकों को चिंता सताने लगी है कि वह बच्चों को पढ़ाई के लिये कहां बिठायेंगे।
इस संबंध में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बेलीराम ने बताया कि उन्होंने अनेकों बार विभाग को स्कूल भवन की खस्ता हालत के बारे में अवगत करवाया है। लेकिन विभाग की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया कि स्कूल भवन कभी भी ढह सकता है। जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन विभाग इस मसले पर कतई गंभीर नहीं है।

बताया कि मिट्टी और पत्थर से बने स्कूल भवन के दरवाजे और खिड़कियां टूट चुकी हैं। मिट्टी का प्लास्टर सारा निकल चुका है और भवन की छत पर लगी लकड़ी सड़ चुकी है। ऐसे में बच्चों के साथ साथ शिक्षकों को भी हर समय हादसे का डर सताता रहता है।
बेलीराम ने बताया कि जर्जर हो चुके स्कूल भवन को गिराने और नया भवन बनाने के लिए 3 वर्ष पूर्व स्कूल प्रबंधन समिति ने शिक्षा विभाग से गुहार लगाई थी इसके लिए बाकायदा पत्राचार भी किया जा चुका है मगर इसके बावजूद विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशील है।
स्कूल प्रबंधन समिति व अभिभावकों ने सरकार व शिक्षा विभाग से मांग की है कि बनाला स्कूल का नया भवन जल्दी तैयार किया जाये। ताकि बच्चों को पढ़ाई करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आये।
उधर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुरजीत राव ने बताया कि स्कूल भवन को असुरक्षित करार देकर उसको गिराने की प्रक्रिया चल पड़ी है। बताया कि जल्द ही पुराने स्कूल भवन को गिरा कर उसके स्थान पर नया भवन बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चों को पढ़ाई करने के लिये भवन की व्यवस्था कर दी गई है।
