कुल्लू टूडे
कुल्लू
लद्दाख के लिए अपनी मांगों को लेकर जलवायु कार्यकर्ता एवं समाजसेवक सोनम वांगचुक अपने काफिले के साथ दिल्ली तक कि पैदल मार्च यात्रा पर निकले हैं और इस दौरान वे अपने 75 सेवयसेवियों के साथ लद्दाख से निकल कर लाहौल, मनाली होते हुए जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचे।
कुल्लू में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने बताया कि लद्दाख हिमालय क्षेत्र का एक प्रमुख इलाका है और यहां पर ग्लेशियर भी काफी संख्या में है।
उनके संरक्षण के लिए इस पदयात्रा का करना काफी ओर केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर करना जरूरी है।
संविधान के अनुसार कई तरह के प्रावधान इस तरह के इलाकों को संरक्षण देने के लिए किए जाते हैं।
लेकिन सरकार के द्वारा इस बारे में मात्र आश्वासन ही दिए जा रहे हैं ओर वर्तमान स्थिति की गम्भीरता को समझ नही रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह 2 अक्तूबर को दिल्ली पहुंचेंगे ओर ऐसे में अगर मांगे न मानी गयी तो राजघाट में अपनी मांगों को लेकर अनशन शुरू करेंगे।
सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख से दिल्ली तक उन्होंने पैदल मार्च से केंद्र सरकार ने लद्धाख को यूटी देते समय जो वायदे किये थे उनकी याद दिलाना है।
उन्होंने कहा कि उनकी ये यात्रा हिमालय क्षेत्र के पर्यावरण और लोक संस्कृति के संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभायेगी।
उन्होंने कुल्लू, मनाली और लाहौल के विभिन्न संस्थाओं के द्वारा मिल रहे समर्थन से गदगद सोनम वांगचुक ने सभी का आभार जताया।
