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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय से अपने सेवाकाल को पूर्ण करते हुए इंद्र सिंह ठाकुर पीजीसी बिलासपुर से अधीक्षक पद से सेवानिवृत हो गए।

कालेज प्रबंधन की ओर से उनकी विदाई को लेकर कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसीपल नीना वासुदेवा की अगवाई में किया गया।

जहां पर उनके सहयोगियों में शामिल शिक्षक और गैर शिक्षकों के साथ उनके साथ आए परिजनों और रिश्तेदारों ने भी भाग लिया।

कज्याई कुल में दौलत राम ठाकुर व नानकी देवी के घर जन्में इंद्र सिंह ठाकुर की प्रारंभिक व उच्च शिक्षा नम्होल में हुई। वर्ष 1987 में हिमाचल प्रदेश सेवा आयोग द्वारा चयनित होने के साथ ही वाणिज्यिक नेवी में भी रेडियो अफसर के रूप में चयनित हुए लेकिन सेवा के लिए इंग्लैंड जाना स्वीकार नहीं किया, अतः प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर केलांग में नियुक्त हुए।

केलांग, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर, राजकीय सांध्य महाविद्यालय बिलासपुर, राजकीय उच्च विद्यालय औहर, फिर उप शिक्षा निदेशक बिलासपुर, रावमा झंडूत्ता, रावमा विद्यालय रंडोह चंबा, राजकीय वरिष्ठ विद्यालय कंदरौर, राजकीय महाविद्यालय झंडूत्ता आदि सब स्थानों पर अपने कार्य से प्रभावित और सम्मानित होते हुए वर्तमान स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर से अपनी लंबी बेदाग और सम्मानजनक पारी खेलते हुए 35 वर्ष 9 महीने और 14 दिन बाद अपने अच्छे स्वास्थ्य के साथ सरकारी सेवा से निवृत्त हो रहे हैं।

इंद्र सिंह ठाकुर ने कर्मचारी राजनीति में भी अपने खूब झंडे गाड़े और प्रदेशाध्यक्ष पद तक पहुंचे।

इसके साथ ही राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ की अखिल भारतीय कार्यसमिति के सदस्य भी चुने गए जिनका कर्तव्य वहन अभी तक कर रहे हैं।

स्कूल से लेकर कालेज तक यह न केवल शिक्षकों या सहयोगियों बल्कि विद्यार्थियों के भी चहेते रहे।

किसी भी छात्र के काम को कभी भी इंकार नहीे करना, किसी भी तरीके से उनके काम को सिरे चढ़ाना तथा सही मार्गदर्शन करना इनकी दिनचर्या मंे शुमार रहा।

यही नहीं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा में कोई कमी न आए इसके लिए सदैव मदद के लिए तैयार रहते।

इंद्र सिह ठाकुर महाविद्यालय के लंबे सेवा काल में अनेक विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा प्रदान करने वाले अधिकारी रहे हैं।

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