कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
श्री नयना देवी जी के खरकड़ी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते हुए कथावाचक पंडित सुरेश भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण प्रेम के बारे में श्रद्धालुओं को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जहां पर संसार के सभी प्रेम समाप्त हो जाते हैं वहीं से कृष्ण प्रेम का शुभारंभ होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण प्राप्ति के लिए गोपी बनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गोपी कोई पुरूष या स्त्री नहीं है। यह एक ऐसा भाव है जिसमें परमात्मा की प्राप्ति के लिए स्वयं को ढालना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वृंदावन से लेकर गोकुल, मधुरा आदि प्रभु से जुड़े सभी स्थानों पर घटित प्रसंगों में गोपी भाव का समावेश है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को पाने के लिए गोपी भाव नितांत जरूरी है। इसके लिए हर प्रकार से निर्मल होना जरूरी है। स्वयं को भूल श्रीकृष्ण जी के चरणों में अर्पित करना ही गोपी भाव है। इस अवसर पर पंडित ने कई रोचक प्रसंग सुनाए। कथा समापन पर प्रसाद वितरण किया गया।
