कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
हिमाचल प्रदेश की संस्कृति में बिलासपुर की अपनी अलग पहचान है। बिलासपुर में विभिन्न महिला मंडलों, युवक मंडलों तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा जिस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं वह काबिले तारीफ है।
यह बात एडीसी बिलासपुर डॉक्टर निधि पटेल ने कही। वह राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले में आयोजित में भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया जा रहे कहलुर लोकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की संस्कृति का संरक्षण न केवल उसे क्षेत्र के लोगों का कर्तव्य है बल्कि प्रशासन और विभाग को भी इसके लिए प्रयास करने चाहिए।
इससे पहले जिला भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने मुख्य अतिथि का शाल और टोपी भेंट कर स्वागत किया।तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का स्थानीय लोगों तथा मेले में आए ग्रामीणों ने भरपूर आनंद उठाया। तीनों दिन बेहतर मंच संचालन निशांत कपूर ने किया।
तीसरे और अंतिम दिन की शुरुआत लोक गायक प्रकाश चंद शर्मा ने गणपति वंदना से की। इसके बाद महिला मंडलों द्वारा लोक नृत्य और लोक गीतों की प्रस्तुति दी गई । नटराज कला संस्कृति मंच घुमारवीं की प्रस्तुति बेहतर रही। इसके अलावा अन्य लोक गायको ने भी समा बांधा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी डॉ अनीता शर्मा, अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना चंदेल तथा साहित्यकार सुमन चड्ढा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
