कुल्लू टूडे
किन्नौर
68वां अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह, 2021 के तहत बुधवार को जिला स्तरीय सहकारी दिवस समारोह का आयोजन टापरी में किया गया जिसकी अध्यक्षता करते हुए उपमण्डलाधिकारी निचार मनमोहन सिंह ने कहा कि सहकारी आंदोलन का समुदायों के सामाजिक व आर्थिक जीवन में बदलाव लाने में अहम भूमिका के साथ-साथ समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं, युवाओं को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने में भी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा कि इन सभाओं के माध्यम से सृजित धनराशी ने राज्य के आर्थिक विकास में भी सहायता की है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ सहकारी आंदोलन के कार्यों में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आजादी से पूर्व सहाकरी आंदोलन का मुख्य लक्ष्य साहूकारों के शोषण से गरीब जनता को मुक्ति दिलाना था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि सहकारी आंदोलन का प्रादूभाव 1892 में प्रदेश के ऊना जिला से हुआ तथा देश की पहली सहाकारी सभा इसी वर्ष ऊना जिला के पंजावर गांव में गठित की गई।
उन्होंने कहा कि सहकारी सभाओं का कृषकों, बागवानों व अन्य कमजोर वर्गों के लोगों को उनके सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए कृषि एवं गैर कृषि कार्यों के लिए अल्प अवधि, मध्यम अवधि व दीर्घकालीन अवधि के लिए ऋण देने में महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सहाकारी सभाओं से अपने कार्य में पारदर्शिता लाने का भी आग्रह किया ताकि लोगों का सहाकारी सभाओं पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन का फायदा समाज के सभी वर्गों को मिलना चाहिए। इस तरह से सहकारी संस्थाओं को काम करना होगा।
सहायक पंजीयक लेख राज नेगी ने बताया कि विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 में सहकारी सभाओं को विभिन्न शीर्षों के तहत जिनमें प्रबंधक अनुदान, ब्याज अनुदान, कार्यशील पूंजी अनुदान व गोदाम अनुदान शामिल है के लिए 14 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
उन्होंने कहा वित्त वर्ष 2020-21 में सेब पैकिंग सामग्री व खाद वितरण के लिए सहकारी सभाओं के माध्यम से 191.21 लाख रुपये का कारोबार किया गया।
उन्होंने बताया कि 20 सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग द्वारा गरीब परिवारों के 100 सदस्यों को विभिन्न सहकारी सभाओं में सदस्य प्रदेश अुनदान स्वीकृत किया गया है और जिले में गत वित्त वर्ष के दौरान सहकारी सभाओं के माध्यम से 45.29 लाख रुपये का अल्पकालीन ऋण वितरित किया गया जबकि इसी अवधि के दौरान 38.05 रुपये की वसूली की गई।
किनफैड के अध्यक्ष दौलत नेगी ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
उन्होंने किनफैड द्वारा जिले में की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी।
जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस व किनफैड निदेशक मण्डल के सदस्य जिले की विभिन्न सहाकारी सभाओं के अध्यक्ष, सचिव व स्थानीय बागवान व किसान इस अवसर पर उपस्थित थे।
