कुल्लू टूडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
श्री नयना देवी जी में पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक जिला प्रधान डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बीते दिन हुई बैठक में एसोशिएशन के सभी सदस्यों द्वारा सरकार के प्रति रोष प्रकट किया कि पेंशनर कई बार सरकार से आग्रह कर चुके हैं कि उनकी बहुत देर से पड़े हुए वितीय लाभों की लंबित राशि के बारे कोई भी घोषणा नहीं की जा रही है। जबकि सरकार प्रतिदिन प्रदेश में नई-नई घोषणा कर रही है।
जिसके कारण पेंशनर परेशान हो रहे हैं कि सरकार उनके बारह प्रतिशत डीण्एण् व नए वेतनमान की घ्बढ़ी हुई देनदारियों के एरियर को दबाकर बैठी है।
जिसका इंतजार पेंशनर कई महीनो से कर रहे हैं जबकि अब प्रदेश आपदा से उभर चुका है।
सरकार न ही पेंशनर के लिए हर जिला में मेडिकल बिलों का भुगतान करने के लिए कोई भी राशि बजट के रूप में दे रही है, जिसके कारण उम्रदराज पेंशनर कई गम्भीर बीमारियों से पीड़ित है।
उनके मेडिकल बिल कई.कई महीनों से पेंडिंग पड़े हुए हैं, जिनका भुगतान नहीं किया जा रहा है।
पेंशनर कई सालों से पिछली सरकार व अब नई सरकार से भी मांग उठाते हैं कि पेंडिंग पड़े मेडिकल बिलों का भुगतान समय पर किया जाये।
एसोसिएशन ने यह मांग की कि सस्ते सामान की कैंटीन पुलिस लाइन से हर थाना क्षेत्र में भेजी जाए, जहां से पेंशनर अपने नजदीकी थाना में अपना सस्ता सामान ले सके। जब भी कोई राजपत्रित अधिकारी किसी थाना के निरीक्षण के लिए जाये तो यह सुनिश्चित किया जाए कि थाना के नोटिस बोर्ड पर अंतिम सम्मान के आदेश की कॉपी लगी है कि नहीं।
पुलिस हैडक्वाटर द्वारा पूरे प्रदेश के एसपी को निर्देश दिया जाए की साल में दो बार पुलिस पेंशनर के साथ जब वेलफेयर की मीटिंग होती है तो उन्हें भी शामिल किया जाए।
इसी प्रकार पुलिस महानिदेशक से निवेदन है कि वे प्रत्येक जिला व यूनिट्स के पुलिस अधीक्षकों व समादेशक को आदेश दें कि एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत कर्मचारियों की बढ़ी लीव एनकेशमेंट के मामलों को निपटाएं एवं सबंधित कर्मचारी को व्यक्तिगत रुप से सूचित किया जाये कि उसकी कितनी बढ़ोतरी हुई है एवं सरकार से मामला उठाये कि फौजी पेंशनर की तरह पुलिस कर्मी व पुलिस पेंशनर के बच्चों को भी पुलिस भर्ती में कुछ सीटें आरक्षित रखी जायें।
बैठक में डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर, महासचिव त्रिलोक शर्मा, उपप्रधान सुरेंद्र धर्माणी, ए्एन शर्मा, प्रेम लाल चैहान, रुप लाल ठाकुर, रत्न चंद ठाकुर, रणजीत सिंह ठाकुर, दलजीत सिंह, राम आसरा, नन्द लाल शर्मा, बर्फी राम, नरोत्तम सिंह, बृज लाल, वीरेंद्र सिंह, हितेन्द्र सिंह, गोपाल दास आदि मौजूद थे।
