कुल्लू टूडे
कुल्लू
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव कुल्लू का समापन सोमवार को हो गया।
आज बाद दोपहर शिविर में से रघुनाथ जी की मूर्ति को निकालकर रथ में रखा गया। तथा इस रथ को खींचकर मैदान के अंतिम छोर तक ले जाया गया।
दशहरे में उपस्थित देवी-देवता इस यात्रा में शरीक हुए। देवी-देवताओं की पालकियों के साथ देवलु वाद्य यंत्र बजाते हुए मैदान के अंतिम छोर पर पहुंचे।
ब्यास नदी के तट पर एकत्रित घास व लकडिय़ों को आग लगाने के पश्चात रथ को पुन: खींचकर रथ मैदान तक लाया गया।
इसी प्रकार लंका दहन के साथ ही दशहरा उत्सव की समाप्ति हो गई। तथा रघुनाथ जी की पालकी को वापस मंदिर लाया गया। उसके बाद देवी-देवता भी अपने-अपने गांव के लिए प्रस्थान किया।

