कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने देवभूमि के भोले-भाले लोगों को दस गारंटियां देकर ठगा है अब जनता इनसे जवाब मांगने लगी है।
यह बात भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने जारी एक संयुक्त ब्यान में कांग्रेस पर हमला करते हुए कही।
इसी कड़ी में भाजपा ने कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता से किए गए वादों को लेकर प्रदेश सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा किया है।
भाजपा का कहना है कि चुनाव में दी गई 10 गारंटियों पर सरकार के साथ ही जहां कांग्रेस नेताओं ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।
वहीं न तो महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये मिल रहे हैं और न ही युवाओं को नौकरी, तथाकथित ‘सुख’ की इस सरकार ने 10 माह में जनता को केवल दुख देने का काम किया है।
सरकार की वादाखिलाफी से दुखी जनता के पास केवल सड़कों पर उतरने का विकल्प बचा है।
भाजपा ने शिमला में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन से जनता की आवाज बुलंद की है, जिससे कांग्रेस घबरा गई है।
इस प्रदर्शन के माध्यम से उठाए गए सवालों के जवाब देने के बजाए सत्ता पक्ष इधर-उधर की हांक रहा है, लेकिन इससे बात बनने वाली नहीं है। जनता के सवालों के जवाब उसे देने ही होंगे।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने कहा कि चुनाव के समय झूठे वादों से लोगों को गुमराह करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।
हिमाचल में पिछले साल संपन्न विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने ऐसा ही किया।
उसे डर भी था कि जनता उसके झूठे वादों के झांसे में नहीं आएगी, लिहाजा उसने इन वादों को गारंटियों का नाम देकर अपना स्वार्थ पूरा कर लिया।
कांग्रेस को सत्ता में आए 10 माह बीतने को हैं, लेकिन दस में से एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई।
महिलाएं हर महीने 1500 रुपये, जबकि युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। पशु पालकों ने गोबर के बड़े-बड़े ढेर लगा दिए, लेकिन उसे खरीदने भी कोई नहीं आ रहा है।
चुनाव में दी गई गारंटियां पूरी करने के बजाए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही भाजपा कार्यकाल में खोले गए 1000 से अधिक संस्थानों को बंद कर दिया।
अब एक-एक करके उन्हीं संस्थानों को नए सिरे से खोलने की घोषणाएं की जा रही हैं। जाहिर है कि लोगों की सुविधा को नजरअंदाज करके उन्हें केवल राजनीतिक आधार पर बंद किया गया था।
विनोद ठाकुर और स्वदेश ठाकुर ने कहा कि पिछले 10 महीनों में प्रदेश की जनता को इस बात का अहसास बखूबी हो चुका है कि कांग्रेस ने केवल सत्ता हासिल करने के लिए उसे ठगा था। यही वजह रही कि लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं।
शिमला में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करने के पीछे भाजपा का मकसद केवल जनता की आवाज को बुलंद करना और इस सरकार को नींद से जगाना था।
इस रैली में भाजपा नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब देने के बजाए मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के मंत्री, कांग्रेस विधायक और अन्य नेता इधर-उधर की हांक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी हालत उस खिसियानी बिल्ली जैसी है, जो खंभा नोचकर खुद को झूठी तसल्ली दे रही है।
उन्होंने कहा कि बेतुकी बयानबाजी से उनका पीछा छूटने वाला नहीं है। जनता के सवालों के जवाब सरकार को देने ही होंगे।
