कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है।
पिछले नौ महीनों में तथाकथित ‘सुख’ की इस सरकार से प्रदेश की जनता को केवल दुख ही मिले हैं। लोगों के हितों को नजरअंदाज करके इस सरकार ने एक हजार से अधिक संस्थान बंद कर दिए।
चुनाव के समय कांग्रेस ने 10 गारंटियां दी थीं। लेकिन उनमें से एक भी पूरी नहीं हो पाई है। आलम यह है कि आपदा राहत के आवंटन में भी भाई-भतीजावाद किया जा रहा है।
सरकार की नाकामियों के विरोध में भाजपा 25 सितंबर को शिमला में विधानसभा का घेराव करेगी।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि कांग्रेस ने लोगों को गुमराह करके सत्ता तो हासिल कर ली।
लेकिन सरकार बनाने के बाद उसने अपना असली रंग दिखाते हुए एक के बाद एक अनगिनत जनविरोधी फैसले लेने का ही काम किया है।
भाजपा सरकार के समय जरूरत और लोगों की मांग के आधार पर विभिन्न विभागों के नए संस्थान खोलने के साथ ही कई संस्थानों को अपग्रेड किया गया था।
कांग्रेस ने सत्ता में आते ही बदले की भावना से काम करते हुए बिना सोचे-समझे 1000 से अधिक संस्थान बंद और डिनोटिफाई कर दिए।
हरलोग में उप तहसील समेत बिलासपुर में कई अन्य संस्थानों का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी स्वागत किया था, लेकिन उन्हें भी बंद कर दिया गया।
अब मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बंद किए गए संस्थानों को जरूरत के आधार पर दोबारा शुरू किया जाएगा। सवाल यह है कि उन्हें बंद करने मे जल्दबाजी क्यों की गई।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस ने महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने और किसानों से गोबर खरीदने जैसी 10 गारंटियां दी थीं। नौ माह बीत चुके हैं।
लेकिन एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई है। एक ओर मोदी सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को सिरे चढ़ाने के लिए जी-जान से काम कर रही है।
जबकि दूसरी ओर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को धोखा दिया है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली महंगी कर दी गई। डीजल पर वैट बढ़ाकर लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया गया है।
आपदा से निपटने में नाकाम रही प्रदेश सरकार अब राहत आवंटन में भाई-भतीजावाद कर रही है।
आपदा से प्रभावित लोगों को दरकिनार करके चहेतों को राहत बांटी जा रही है।
इस सरकार के नुमाइंदे और कांग्रेस नेता कदम-कदम पर झूठ का सहारा ले रहे हैं।
सरकार को आईना दिखाने के लिए भाजपा 25 सितंबर को विधानसभा का घेराव करेगी।
इस प्रदर्शन में सरकार की सभी नाकामियों की पोल खोलने के साथ उसे उसकी चुनावी गारंटियांे की याद भी दिलाई जाएगी।
