कुल्लू टूडे
कुल्लू
एक ओर जहां राज्य सरकार प्रदेश में और पर्यटन विभाग का जिम्मा देख रहे कुल्लू के विधायक व सीपीएस सुंदर ठाकुर रोजाना जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी बड़ी घोषणाएं करते आ रहे हैं। लेकिन पर्यटन विभाग के कुल्लू कार्यालय की हकीकत जानने की जहमत उन्होंने भी नहीं उठाई।
इतना ही नहीं बल्कि पूर्व भाजपा सरकार में भी इन पदों को भरने का कोई प्रयास हीं किया गया। जबकि पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने को बड़ी योजनाएं तो बनती रही, लेकिन धरातल पर कोई भी योजना फलीभूत होती नहीं दिखी।
रोजाना प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े ऐलान करती आ रही है। तो वहीं दूसरी ओर पर्यटन विभाग का हाल इतना खराब है कि पर्यटन विभाग के कार्यालयों में कई पद वर्षों से खाली चल रहे हैं। लेकिन इनको भरने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं। बात अगर देश दुनिया में विख्यात कुल्लू जिला मुख्यालय पर स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय की करें तो यहां पर कर्मचारियों व अधिकारियों के 12 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से आठ पद बरसों से खाली पड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय पर स्थित पर्यटन विभाग कार्यालय में विभिन्न श्रेणी के 12 पद सृजित किए गए हैं। लेकिन हैरत इस बात की है कि 12 पदों में से 8 पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने व अन्य तमाम काम करने का जिम्मा महज 4 अधिकारियों और कर्मचारियों के हवाले है। जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कितनी गंभीरता से हो रहा है।
गौरतलब है कि कुल्लू स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में जिला पर्यटन विकास अधिकारी समेत 12 पद मुख्य रूप से सृजित किए गए हैं। जिनमें जिला पर्यटन अधिकारी के अलावा एक सहायक पर्यटन विकास अधिकारी, एक सुपरिंटेंडेंट, एक सीनियर असिस्टेंट, 2 होटल इंस्पेक्टर, 2 क्लर्क, एक जेओआई व 3 पद पर्यटन सूचना अधिकारी के शामिल हैं।
इन 12 पदों में से 8 पद खाली चल रहे हैं। जिसमें एक सहायक पर्यटन विकास अधिकारी, एक सीनियर असिस्टेंट, 2 होटल इंस्पेक्टर, 2 पर्यटन सूचना अधिकारी, एक कलर्क, एक जेओआई शामिल हैं। होटल इंस्पेक्टर के दोनों पद खाली होने के चलते होटलों के निरीक्षण तक नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में होटल संचालकों की अनियमितताएं व मनमानी जांचने का कार्य भी सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
इसके साथ ही सैलानियों को सूचना प्रदान करने के लिए भी 3 सूचना अधिकारियों के पद सृजित किए गए हैं। लेकिन उनके भी दो पद खाली हैं। जिस कारण 3 पर्यटन सूचना अधिकारी का कार्य एक के ही अधिकारी जिम्मे है। ऐसे में जाहिर है कि सैलानियों को कितनी बेहतर सूचनाएं मिल पाती होंगी।
वहीं, इस संबंध में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुनयना शर्मा का कहना है कि खाली पदों की सूचना समय समय पर निदेशालय को दी जाती है। खाली पदों को भरना सरकार और निदेशालय स्तर का कार्य है। फिलहाल जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे महज हवा-हवाई ही साबित होते दिख रहे हैं।
