कुल्लू टूडे
कुल्लू
नगरपरिषद कुल्लू के वार्ड नम्बर 1 में चल रहे पार्किंग निर्माण कार्य के दौरान निकल रहे मलबे को नदी में फेंकने का दस्तूर रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। जहां रविवार को मजदूरों द्वारा बोरी में डालकर मलबा नदी में फेंका गया।
गौरतलब है कि कुल्लू टूडे ने जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते अखाड़ा बाजार में दिन दहाड़े ब्यास नदी में मलबा उड़ेला जा रहा है मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद कुल्लू को नोटिस थमाकर इसकी जबाव तलवी की है।
वहीं पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय लोगों की मानें तो इस तरह से नदी में मलबा फेंकना गैर कानूनी होने के बावजूद भी कुछ लोग इस तरह के कार्य करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
हालांकि बीते दिन नगर परिषद कुल्लू के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा था कि इस संदर्भ में जानकारी जुटाई जाएगी कि नदी में किसने मलबा फेंका है और ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
लेकिन उसके बाबजूद रविवार को भी सुबह के समय मजदूरों द्वारा बोरी में डालकर मलबा नदी में फेंका गया।
जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने इस पर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद कुल्लू को नोटिस थमाकर इसकी जबाव तलवी की है।
बताया जा रहा है कि यह मलबा नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में हो रहे सरकारी कार्य से निकला है, जिसे ठेकेदार ने धन बचाने के चक्कर में जेसीबी के माध्यम नदी किनारे उड़ेल दिया था। जहां बड़े-बड़े ढेर लगे थे।
लिहाजा, इस पर कार्रवाई का शिकंजा कसता देख रविवार को यहां मजदूर लगाकर इस मलबे को बोरी के माध्यम से नदी में फेंका गया है।
हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। लेकिन नगर परिषद की ओर से अभी तक इस संदर्भ में कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जानकारों की माने तो हलांकि नगर परिषद को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा न करने पर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ सुनील का कहना है कि उन्होंने इस संदर्भ में नगर परिषद को नोटिस थमाया है। लिहाजा, उसका जबाव आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
