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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

बीडीटीएस चेयरमैन लेखराम वर्मा ने अदानी ग्रुप को आगाह करते हुए कहा कि वह शीघ्र ही एसीसी ट्रक ऑपरेटर्स की माल ढुलाई रेट की जायज मांग पर विचार करें। अन्यथा 65 दिन से बंद कारखाने को लेकर ट्रक ऑपरेटर्स में इतना आक्रोश भर चुका है कि वह आमरण अनशन जैसा रास्ता अख्तियार करने को तयार हो चुके है।

उन्होंने कहा कि विचारणीय विषय तो यह है की प्रदेश में जिस रेट पर अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट माल ढुलाई कर रहा है उस रेट पर भी अदानी ग्रुप ढुलाई कार्य करने के लिए तैयार नहीं है।

उन्होंने कहा की अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट भी पहाड़ी एरिया में लगभग 20 किलोमीटर कार्य क्षेत्र में लगा है और उसके बावजूद भी नफे में चल रहा है।

जबकि बागा सीमेंट कारखाना जब जेपी के अधीन था तो वह मालिक की मनमानी के कारण भारी घाटे में था और अल्ट्राटेक ने घाटे में चल रहे कारखाने को खरीदकर आज नफे में पहुंच दिया है जिसका लाभ ट्रांसपोर्ट को भी मिल रहा है।

उन्होंने कहा की एसीसी व अंबुजा भी अन्य परियोजनाओं की तरह प्रदेश के नवरत्न कारखाने है उन्होंने कंपनी मालिक के साथ सरकार एवं स्थानीय जनता को सदैव नफा पहुंचाया है।

परंतु अदानी ग्रुप पहला मालिक आया जिसने तीन महीने में ही घाटे का सौदा बताया, जबकि पूर्व में जो भी मालिक आए उन्होंने एसीसी कारखाने से जो भी पूंजी अर्जित की उससे सारी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाते हुए बिलासपुर जिला और प्रदेश में भी विकास कार्य करवाए।

जिन्हे बंद करके अदानी ग्रुप ने यह साबित कर दिया है की वह एक सुलझा हुआ व्यवसाई नहीं बल्कि व्यापारी है जो देशहित में नहीं बल्कि अपने हितों का पहले ध्यान रखता है।

उन्होंने कहा की ट्रांसपोर्टर्स रोजगार की लड़ाई लड़ रहे हैं और प्रदेश सरकार भी उनके साथ है।

बीडीटीएस ट्रांसपोर्टर और अडानी समूह के बीच चल रहे गतिरोध पक्का मोर्चा अभियान के तहत वार्ड नंबर 7 धार टटोह से बीडीटीएस कार्यकारणी चेयरमैन लेखराम वर्मा अगुआई में जारी अनशन के सातवे दिन उपस्थित ट्रक ऑपरेटर्स कुलदीप गौतम, शमशेर गौतम, सुशील शर्मा, अशोक ठाकुर और अन्य दर्जनों ट्रक ऑपरेटर उपस्थित थे।

बीडीटीएस कार्यकारिणी प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया की मुख्यमंत्री के आदेशानुसार शुक्रवार को सीमेंट ढुलाई रेट और डिस्पैच को लेकर बैठक रखी थी परंतु दोनो ही मुद्दो पर वार्ता असफल रही।

वहीं पर जिला बिलासपुर की सभी सीमाएं भी शुक्रवार से सील कर दी गई है, ताकि कोई भी बाहरी गाड़ियां किसी भी तरह का सामान लेकर अंदर न घुस पाए।

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