कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
अडाणी समूह और ट्रांसपोर्टरों के मध्य चल रहा गतिरोध बुधवार को 63वें दिन में प्रवेश कर गया है।
बुधवार को पक्का मोर्चा अभियान के पांचवें दिन वार्ड नंबर पांच जबली के ट्रांस्पोर्टर बीडीटीएस के कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी की अगवाई में धरने में शामिल हुए।
हालांकि सरकार ट्रक ऑपरेटरों के पक्ष में है लेकिन तमाम वार्ताएं विफल रहने के चलते अब ट्रक ऑपरेटरों को रोजगार की चिंता सता रही है। रोजी रोटी के लाले पड़े हैं और बैंक लोन किश्तों की अदायगी न होने की वजह से फाईनांसर गाडिय़ां उठा रहे हैं। ऐसे हालात मेें ट्रक ऑपरेटरों के समक्ष एक बड़ा आर्थिक संकट बना है।
बुधवार को बरमाणा वार्ड नंबर पांच से दिनेश चंद, पवन कुमार, जयपाल, विजय कुमार, शुभम शर्मा, श मी कुमार, सुरेंद्र शर्मा, रोशन लाल, रणजीत सिंह, सोहन लाल, मनोहर लाल, जोगिंद्र सिंह, जगत राम, पवन, सुशील, बलवीर, जगत पाल, ताजदीन, राजू, राजीव, सुरेंद्र सिंह, कर्म देव, रविंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार, बाबू राम, रत्न लाल, विजय, कमल, सुभाष चंद व सोहल आदि धरने में शामिल हुए और अडाणी समूह के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। साथ ही अडाणी ग्रुप से तानाशाहीपूर्ण अडिय़ल रवैये छोडऩे की वकालत भी की।
ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि जल्द ही एक बड़ी बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी जिसके तहत राज्य की सीमाएं सील कर सीमेंट सप्लाई बंद करने की तैयारी है। इसके लिए ट्रक ऑपरेटरों की कमेटियां बनाई जाएंगी।
बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर रॉकी ने बताया कि पिछले दिन शिमला में सीएम की मध्यस्थता में अडाणी समूह के साथ हुई बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला।
हालांकि सरकार ऑपरेटरों के पक्ष में है और लगातार वार्ताएं कर मसले को हल करने की कोशिश कर रही है लेकिन अडाणी समूह अपना अडिय़ल रवैया अपनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि जिस रेट को तय करने के लिए ट्रक ऑपरेटर आग्रह कर रहे हैं उस पर अडाणी समूह तैयार नहीं है जिसके चलते मसले का समाधान नहीं निकल पा रहा। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों की सब्र का बांध टूट रहा है। यदि जल्द समस्या का समाधान न हुआ तो ऑपरेटर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को 12.04 रूपए से कम रेट मान्य नहीं है।
बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर रॉकी ने बताया कि बुधवार को बरमाणा में ट्रक ऑपरेटरों को पिछले दिन सीएम की मध्यस्थता में हुई बैठक के बारे में जानकारी दी गई।
गुरूवार को सभी ट्रांसपोर्टरों को बरमाणा में बुलाया गया है जहां एक बड़ी बैठक कर संघर्ष की आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
