कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
कोल डैम परियोजना क्षेत्र के चित्ताकर्षक वादियों में बसी ग्राम पंचायत हरनोड़ा में रविवार को हिमाचल प्रदेश के जिला परिषद पंचायत महासंघ की बैठक पूर्व में रहे महासंघ के उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हुई।
जिसमें प्रदेश पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, कनिष्ठ लेखपाल एवं सभी जिला परिषद का डर के कर्मचारी एवं सभी जिले के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
पूर्व कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी का गठन हुआ। जिसमें नई कार्यकारिणी में सोलन जिला के राजेश ठाकुर को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वही ऊना जिला के हरोली विकासखंड के विनोद कोहली को महासचिव, हमीरपुर जिला के नौदान विकासखंड से कुलदीप ठाकुर सचिव, हमीरपुर जिले के विकासखंड नौदान के सतीश पाल कौशल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और बिलासपुर जिले सदर विकास खंड से नागेंद्र सिंह चंदेल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई । आगामी बैठक में शीघ्र ही कार्यकारिणी का विस्तार जिला व श्रेणी बार किया जाएगा
बैठक में नवनियुक्त अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद किया और भरोसा दिलाया कि जो भी जिला परिषद कैडर के अधिकारियों कर्मचारियों की मांगों को हल करने के लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री से समय लिया जाएगा।
बैठक में उपाध्यक्ष द्वारा पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद महासंघ हिमाचल प्रदेश के त्याग पत्र को पढ़कर सुनाया गया। जिसमें कोई भी आपत्ति व सुझाव नहीं आया तथा नए कार्यकारिणी के गठन को लेकर सहमति प्रदान हुई।
सर्व समिति से प्रस्तावों को पारित किया गया बैठक में 4 प्रस्ताव पारित किए गए । सभी को सर्वसम्मति से पारित किया गया।
नवनियुक्त अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि सर्कार के पास जिला परिषद अधिकारी, कर्मचारी महासंघ कैडर कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने की मांग उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी पंचायती राज विभाग और ग्रामीण विकास का कार्य कर रहे हैं। सरकार इनसे विभाग के हर प्रकार के काम करवा रही है।
जिला परिषद कैडर के होने की वजह से पे-कमीशन का फायदा इन कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस वजह से विभाग के कर्मचारी के रूप में काउंट नहीं हो रहे हैं। जिला परिषद कैडर कर्मचारियों को हर सुविधा के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ती है।
उच्च अधिकारियों के पास भी जाना पड़ता है। मांग है कि जिला परिषद कैडर जल्द से जल्द विभाग में मर्ज किया जाए। इससे पूर्व भी सरकार के पास जिला परिषद कैडर कर्मचारियों को विभाग में मर्ज करने की मांग प्रमुखता से रखी गई थी।
गौरतलब है कि पूरे प्रदेश में जिला परिषद कैडर के 4680 कर्मचारी, अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं।
