कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
एसीसी बरमाणा में किराये को लेकर ट्रक आपरेटरों व अदाणी समूह में चल रहे गतिरोध में भाजपा नेताओं द्वारा नवनिर्मित हिमाचल सरकार के मुख्यमंत्री को टारगेट किया जा रहा है जबकि हकीकत कुछ और है। इन भाजपा नेताओं में सदर के विधायक त्रिलोक जम्वाल और श्री नयना देवी विधान सभा के विधायक रणधीर शर्मा ने अभी तक अडानी समूह के प्रति कोई भी बात व एक्शन नहीं लिया यह बात बीडीटीएस संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष नीलम चंदेल ने कही।
उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में भाजपा व कांग्रेस की राजनीति न करे। इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है जबकि लोग भलीभांति परिचित हैं।
बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सोसायटी बरमाणा के पूर्व चेयरमैन कश्मीर सिंह चंदेल व ट्रक ऑपरेटर रशीद मोहम्मद ने भी आरोप लगते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सीमेंट कारखाने बंद होने के मामले में ऑपरेटरों की कोई भी मदद नहीं कर पाए हैं। बल्कि झूठा आश्वासन देकर उनकी परेशानियां अधिक बढ़ाई हैं। यह ट्रक ऑपरेटर नेता शुक्रवार को बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से भी कोई आश्वासन या बयान नहीं आया है । जिससे ऑपरेटरों में भारी रोष व्याप्त है।
कश्मीर सिंह चंदेल ने कहा कि इस मामले को लेकर ऑपरेटरों का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से उनके निवास स्थान विजयपुर में मिला था उस प्रतिनिधिमंडल को जगत प्रकाश नड्डा ने आश्वासन दिया था कि वह इस मामले में अदानी से बात करेंगे। लेकिन अब उनकी ओर से यह उत्तर आया है कि अदानी व्यापारी है और इस मामले में कुछ नहीं कर सकते।
नीलम चंदेल ने कहा कि 14 दिसंबर से एसीसी बरमाना और अंबुजा सीमेंट फैक्ट्रियां बंद कर रखी है और भारतीय जनता पार्टी के बिलासपुर के तीनों विधायक इस मामले में वर्तमान कांग्रेस सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं।
जबकि इस मामले में कांग्रेस सरकार का कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि कंपनी के मालिक अडानी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नजदीकी हैं ।
उन्होंने कंपनी के मालिक अडानी से भी प्रश्न किया पिछले 35 वर्षों से इस कारखाने को जो कंपनी चला रही थी उन्होंने तो कभी घाटा शो नहीं किया लेकिन 3 महीने में ही अदानी ने घाटा दिखाकर इस कंपनी को बंद कर दिया।
उन्होंने बताया कि पंजाब में जो सीमेंट लेकर उनके ट्रक जाते थे उन्हें भी बंद कर दिया और इस तरह से अब वापसी में कच्चा माल नहीं ला पा रहे जिससे निश्चित रूप से कच्चा माल महंगा पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि बीडीटीएस , एक्स सर्विसमैन तथा किरतपुर के लगभग 5000 ट्रक इस कार्य में लगे हैं जो कि सड़कों पर आ गए हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें सीधे तौर पर राजनीतिक चाल लग रही है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रिपीट नहीं कर पाई है।
उन्होंने कहा कि 12 को हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ और 14 को दिल्ली से आदेश आता है कि फैक्ट्री बंद कर दी गई है।
उन्होंने जिला प्रशासन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिला प्रशासन की ओर से भी इस ओर कोई कदम नहीं उठाए गए।
उन्होंने आग्रह किया है कि इस मुद्दे को राजनीतिक लड़ाई ना बनाया जाए और राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर कांग्रेस और भाजपा एकजुट होकर ऑपरेटरों की सहायता करें। क्योंकि ट्रक ऑपरेटर किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रखते।
कश्मीर सिंह चंदेल ने कहा कि वास्तव में किराया तो जनता दे रही है क्योंकि सीमेंट रेत बजरी आदि जनता मंगवाती है और किराया भी वही देती है।
उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन कम होगी तो डिस्पैच भी कम होगा और डिस्पैच कम होगा तो निश्चित रूप से घाटा तो पड़ेगा ही।
उन्होंने कहा कि इस मामले को शीघ्र सुलझाया जाना चाहिए अन्यथा ट्रक ऑपरेटरों को भी भूखे मरने की नौबत आ जाएगी और कहीं ऐसा ना हो कि किसान आंदोलन की तरह ट्रक ऑपरेटर भी आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने इस मसले को सुलझाने का आश्वासन ट्रक आपरेटरों को दिया था लेकिन दिल्ली जाकर नड्डा इस बात को भूल ही गए हैं। वहीं यहां के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने तो ट्रक आपरेटरों से बात तक करना गवारा नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीति करने की अपेक्षा दोनों दल हल करवाने का प्रयास करें ताकि जिला की आर्थिकी बच सके और इस सीमेंट कंपनी पर निर्भर लोगों की रोजी-रोटी बच सके।
