कुल्लू टूडे
बिलासपुर /कश्मीर ठाकुर
प्रदेश न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ की राज्य कार्यकारिणी के आवाहन पर अपनी मांगों को लेकर न्यायिक कर्मचारी संघ बिलासपुर का आंदोलन बीते दिन भी जारी रहा। न्यायिक कर्मचारियों ने वर्क टू रूल्स के तहत पौणे दस बजे से पहले ही कोर्ट परिसर में गेट मीटिंग की और अपनी मांगों के समर्थन में राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारी संघ ने सुबह पौणे दस, दोपहर भोजन के समय और शाम के वक्त करीब पौणे पांच बजे के बाद गेट मीटिंग कर सरकार द्वारा उनकी मांग को लेकर अपनाए गए उदासीन रवैए पर प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया।
गौरतलब है कि हिमाचल ēदेश न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ पिछले एक सप्ताह से एकमात्र मांग न्यू पे स्केल लागू करने को लेकर संघर्षरत है। हैरानी इस बात की है कि प्रदेश सरकार पर न्यायिक कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे हैं, शांतिपूर्ण संघर्ष का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
हालांकि न्यायिक कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि संघ अपनी संवैधानिक मांगों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलनरत है। लेकिन यदि प्रदेश सरकार उनकी इस मांग को आगामी 28 सितंबर की केबिनेट में पूर्ण नहीं करती है तो संघ विवश होकर सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएगा।
न्यायिक कर्मचारी संघ बिलासपुर ने बीते दिन अपने आंदोलन को तेज करते हुए गेट मीटिंग कर प्रदेश सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रदेश सरकार ने अपनी एक मात्र मांग को पूर्ण करने में और विलंब किया तो प्रदेश न्यायिक कर्मचारी संघ नया वेतनमान लागू करवाने के लिए सड़कों पर उतर जाएंगे।
न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष पवन ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को आंदोलन किया गया।
कर्मचारियों ने सुबह 9ः45 बजे से पहले लंच समय में और शाम को 4ः45 बजे के बाद गेट मीटिंग, वर्क टू रूल, नारेबाजी द्वारा अपनी मांग को लेकर शालीनता और अनुशासन के साथ प्रदेश सरकार के समक्ष रखा गया।
इस आंदोलन में जिला बिलासपुर, सब- डिवीजन घुमारवीं एवं झंडुता के कर्मचारियों ने ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान पवन ठाकुर ने कहा कि जब सभी विभागों के कर्मचारियों का नया वेतनमान और अन्य मांगों को को सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है तो न्यायिक कर्मचारियों की एकमात्र मांग को क्यों पूरा नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदेश सरकार तथा उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि न्यायिक कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में न्यायिक कर्मचारियों में एक निराशा का माहौल पैदा हो गया है कि जब लगभग सभी विभागों को नया वेतनमान लागू कर दिया गया है तो जिला न्यायालय के कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित क्यों रखा जा रहा है।
ठाकुर ने कहा कि ना तो उन्हें नया वेतनमान दिया जा रहा है और ना ही उन्हें महंगाई भत्ता प्रदान किया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार के न्याय कर्मचारी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार फिर भी जिला न्यायालय के कर्मचारियों की मांग पर विचार नहीं करती है तो कर्मचारियों का यह आंदोलन और तेजी पकड़ेगा और इससे जो भी परेशानी आम जनता को होगी इसके लिए केवल और केवल राज्य सरकार ही जिम्मेदार होगी।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश न्यायिक कर्मचारी कल्याण संघ जिला बिलासपुर इकाई के महासचिव लोकपाल ठाकुर, कोषाध्यक्ष निशांत कुमार, रेणू रणौत, महेश, शालिनी कश्यप, मोनिका ठाकुर, नवेंę कटोच, भूतेश्वर शर्मा, दिवाकर शर्मा, नरेश कुमार, यशपाल, मनोज चंदेल, मुकेश गर्ग, राकेश कुमार, सुनील कुमार, रवि कांत शर्मा, मोहन चंद हंसराज आदि शामिल रहे।
