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कुल्लू टूडे

बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत सेल के अंतर्गत गांव सेल की संतोष के सपनो का घर छह महीने ही बिखर गया। संतोष कैंसर से जूझ रही है।

बताया जाता है कि संतोष को छह महीने पहले पीलिया हुआ था। जिसका इलाज करवाते समय पता चला की उसको पत्थरी की शिकायत है और फिर पता चला की कैंसर है। पता चलते ही उनके परिवार पर मुसीबतो का पहाड़ टूट पड़ा है।

संतोष के पति बद्दी में एक निजी कम्पनी में हैल्पर नौकरी करते थे, मगर पत्नी की बीमारी का पता चलते ही वे घर आ गए अब उनकी जमा पूंजी बीमारी के कारण खत्म हो चुकी है। रिश्तेदारों से भी उधार और सहायता ले चुके हैं, कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।

संतोष का इलाज इंदिरा गांधी मैडिकल कालेज शिमला से चल रहा है। दवाइयों के लिए तो सरकार की हिम केयर योजना से सहायता मिल रही है। मगर अन्य खर्चो के लिए लोगों पर आश्रित होना पड़ रहा है।

संतोष के परिवार में चार लड़कियां है। जिनमे एक प्लस टू में, एक आठवीं में दधोल के सरकारी स्कूल में पड़ती है, तीसरी लड़की मानसिक तौर पर कमजोर है और चैथी लड़की अभी छोटी है।

संतोष के इलाज के लिए बार बार इंदिरा गांधी मैडिकल कालेज शिमला जाना पड़ता है। जहां पर उसकी कीमोथेरेपी चल रही है। शिमला आने जाने में बहुत खर्च उठाना पड़ता है। इस बारे किसी स्थानीय व्यक्ति ने नेहा मानव संस्था को इसकी खबर दी।

नेहा मानव संस्था की तरफ से पवन बरूर द्वारा संतोष को 11हजार रुपए सहायतार्थ दिए गए। इसके साथ ही नेहा मानव संस्था के संस्थापक पवन बरूर ने कहा की अगले एक वर्ष तक नेहा मानव संस्था इस परिवार को एक हजार रूपये प्रति माह अनुदान देगी। जिससे ये दवाई के लिए आने जाने में खर्च कर सके।

इसके साथ ही अन्य संस्थाओं या आम जनता से अपील की है की इस परिवार की सहायता के लिए आगे आएं इसके लिए उनका अकाउंट नंबर 11210104685 और आईएफएसी कोड एचपीएफसी 0000112 और सम्पर्क नंबर 96258 22787 है।

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