कुल्लू टुडे
केलांग
जिला लाहौल एवं स्पीति में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पूर्व चेतावनी प्रणाली को प्रभावी बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीते दिन‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ एवं ‘व्हेयर टू प्लांट बॉट’ पर वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
इन प्रशिक्षण सत्रों में विभिन्न सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों सहित कुल 207 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण सत्रों में AGiSAC, हिमाचल प्रदेश के डॉ. मनोज शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को दोनों डिजिटल पहलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित प्रसार, जन-जागरूकता में वृद्धि तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 56 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न कार्यालयों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी, सभी राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पंचायत सचिव शामिल रहे।
द्वितीय सत्र में 71 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पंचायत प्रधान, उपप्रधान एवं वार्ड सदस्य, आशा कार्यकर्ता, जल शक्ति विभाग के फिटर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के लाइनमैन तथा लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारी शामिल थे। वहीं, तृतीय सत्र में 80 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इनमें स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, आपदा मित्र एवं युवा आपदा मित्र स्वयंसेवक, सरकारी प्राथमिक, उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक एवं शिक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त, लाहौल एवं स्पीति, कुनिका ऐकर्स ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं आम जनता से अपील की कि वे ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ को अपने मोबाइल फोन में इंस्टॉल कर इसका नियमित उपयोग करें तथा अन्य लोगों को भी इसे डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ऐसे डिजिटल माध्यम सूचनाओं के त्वरित प्रसार, जन-जागरूकता बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने सभी विभागों एवं संबंधित संस्थानों से भी इन डिजिटल पहलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आम जनता को इनके उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय सही एवं समयबद्ध जानकारी साझा करना त्वरित कार्रवाई, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ को इस लिंक
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aapdarakshak के माध्यम से डाउनलोड करने के लिए आह्वान किया है।
जिला प्रशासन ने आम जनता से आपदा प्रबंधन से संबंधित डिजिटल पहलों को अपनाने और इनके अधिकाधिक उपयोग के माध्यम से सुरक्षित, जागरूक एवं आपदा-सक्षम समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।
