कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
एम्स बिलासपुर के रेडियोनिदान विभाग की रेजिडेंट चिकित्सक विदुषी धीमान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का नाम रोशन किया है।
उन्हें रेडियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका की ओर से वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित प्रशिक्षु शोध पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए दिया गया है।
यह पुरस्कार आरएसएनए की वार्षिक बैठक के दौरान शिकागो में प्रदान किया गया।
यह आयोजन विश्व के प्रमुख रेडियोलॉजी सम्मेलनों में शामिल है, जिसमें विभिन्न देशों के चिकित्सक, शोधकर्ता और प्रशिक्षु वैज्ञानिक अनुसंधान, चिकित्सा शिक्षा तथा नई तकनीकों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। पुरस्कार के साथ एक हजार अमेरिकी डॉलर की राशि भी प्रदान की जाती है।
विदुषी धीमान का सम्मानित शोध उनके स्नातकोत्तर शोध-प्रबंध पर आधारित है।
अध्ययन में गर्भनालिका के चुंबकीय अनुनाद चित्रण, प्रसार-भारित चित्रण तथा स्पष्ट प्रसार गुणांक के माध्यम से भ्रूण की वृद्धि में कमी और कम जन्म वजन के आकलन का अध्ययन किया गया।
इसके निष्कर्षों की रक्त प्रवाह जांच तथा प्रसूति संबंधी परिणामों से तुलना की गई।
इस शोध को रेडियोनिदान विभाग के मार्गदर्शक डॉ. नरवीर सिंह चौहान के निर्देशन में पूरा किया गया।
सह-मार्गदर्शक डॉ. लोकेश राणा तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के डॉ. चंदरदीप शर्मा का भी शोध कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
संस्थान के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि एम्स बिलासपुर में किए जा रहे चिकित्सा अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।
साथ ही, यह युवा चिकित्सकों को उच्चस्तरीय शोध के लिए प्रेरित करने वाली उपलब्धि मानी जा रही है। बताया कि भारत से वर्ष 2023 में एक उम्मीदवार को यह पुरस्कार मिला था।
वर्ष 2026 में विदुषी धीमान को यह सम्मान मिलना भारतीय रेडियोलॉजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने विदुषी धीमान को बधाई देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित रेडियोलॉजी मंच पर संस्थान के युवा चिकित्सक को पहचान मिलना गौरव का विषय है।
उन्होंने चिकित्सा अनुसंधान और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
