कुल्लू टुडे
बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर
बीडीटीएस बरमाणा में सीमेंट-क्लिंकर की घटती ढुलाई को लेकर शुरू हुआ विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा। विपक्षी गुट ने वीरवार को सुबह से दोपहर तक हड़ताल कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
इस दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि लगातार कम हो रहे ढुलाई कार्य से ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और अब इस मुद्दे को आगे बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
लेखराम वर्मा के अनुसार पिछले करीब चार माह से एसीसी-अडानी प्रबंधन की ओर से सीमेंट और क्लिंकर की मांग में भारी कमी आई है।
पहले प्रतिदिन करीब 10 से 15 हजार मीट्रिक टन तक ढुलाई का काम मिलने की बात कही जा रही थी, जो अब घटकर लगभग 2 से 3 हजार मीट्रिक टन रह गया है। इससे बड़ी संख्या में ट्रक ऑपरेटर प्रभावित हो रहे हैं।
पूर्व प्रधान एवं अध्यक्ष लेखराम वर्मा, पूर्व प्रधान नीलम चंदेल, पूर्व नियंत्रक ध्यान सिंह ठाकुर, पूर्व चेयरमैन नन्द लाल ठाकुर, राजेश ठाकुर, रतनलाल और सुभाष कपिल सहित अन्य ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि ऑपरेटरों के काम और उनके अधिकारों को लेकर है।
पूर्व प्रधान नीलम चंदेल ने कहा कि अनुबंध के अनुसार ट्रांसपोर्टरों को पूरा काम मिलना चाहिए। उन्होंने अप्रैल से लंबित डीए जारी करने, अनुबंध के मुताबिक बढ़ोतरी देने, एग्रीमेंट का नवीनीकरण करने और ढुलाई का काम बढ़ाने की मांग रखी।
उन्होंने प्रशासन से दाड़लाघाट और बरमाणा परियोजनाओं में माल ढुलाई के वितरण को लेकर स्थिति स्पष्ट करवाने की मांग भी की।
दोनों गुटों ने कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसपोर्टरों और चालकों से एकजुट होकर आगामी आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया।
