कुल्लू टूडे
बिलासपुर/कश्मीर ठाकुर
समाज में से नशा रूपी दैत्य को समाप्त करने के लिए आम जनता का सहयोग इसलिए भी जरूरी है कि इसके दुष्परिणामों में जनता ही पिस रही है। हर वर्ग के परिवार के बच्चे या तो अल्पायु में भगवान को प्यारे हो गए हैं या फिर मौत की डगर पर अग्रसर हैं। बच्चा चाहे किसी का भी हो आखिर वह माता पिता के लिए एक उम्मीद है। लेकिन नशे के लपेटे में आकर यह उम्मीदें उन्हीं मां – बाप के लिए दुख का कारण बन रही हैं। इसलिए लोगों को चाहिए कि वे इन मामलों में पर्दा न डाले और इन अवैध धंधों में संलिप्त लोगों के नाम, पहचान उजागर करें ताकि युवाओं को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सके।
यह बात थाना बरमाणा प्रभारी यशवंत ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि थाना बरमाणा पुलिस ने नशे का अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसलिए एक साल की अवधि में थाना बरमाणा पुलिस द्वारा मादक द्रव्य अधिनियम के तहत कुल 29 मामले पंजीकृत किए। इन मामलों में 43
आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
एसएचओ यशवंत ठाकुर ने कहा कि इस आंकड़े
में आरोपियों से पुलिस ने चिट्टा तीन सौ ग्राम, चरस छह किलोग्राम तथा
अफीम डेढ़ किलो बरामद की।
उन्होंने कहा कि नशा करने वालों का बचाव करना भी
किसी अपराध से कम नहीं है। क्योंकि जब नशा बचाने वाले के घर तक पहुंचेगा तो इस नशे की वास्तविकता से परिचय होगा, और यह परिचय सबसे भयानक है। जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों में अपना सहारा देखा वे इन सहारों
को अपने सामने मरता देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि थाना बरमाणा क्षेत्र
में नशे का अवैध धंधा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि गांव कस्बे में कोई नशे का कारोबार करता हैं तो पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम पहचान गुप्त रखी जाती है। यदि जनता इसमें सहयोग करेगी तो निश्चित तौर पर नशे का सफाया समाज से हो सकेगा।
