कुल्लू टुडे
मनाली/आनी
जिला कुल्लू पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना मनाली एवं पुलिस थाना ब्रो की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाइयों में मादक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत दो अभियोग दर्ज कर कुल 21.52 ग्राम चिट्टा तथा 15,000 रुपए भारतीय करेंसी बरामद की है।
प्रथम मामले में बीते दिन पुलिस थाना मनाली की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए गौतम कॉटेज, अलेउ, मनाली के समीप स्थित एक रिहायशी मकान में दबिश दी।
तलाशी के दौरान उक्त मकान में किराये पर रह रहे युसूफ (30 वर्ष) पुत्र हरदेव माशी निवासी गाँव एवं डाकघर धारीवाल, तहसील अजनाला, जिला अमृतसर (पंजाब), उसकी पत्नी (30 वर्ष) निवासी गाँव एवं डाकघर धारीवाल, तहसील अजनाला, जिला अमृतसर (पंजाब) तथा आशीष (28 वर्ष) पुत्र सुच्चा सिंह निवासी गाँव नागकला, डाकघर मजाटा, तहसील एवं जिला अमृतसर (पंजाब) के कब्जे से 19.350 ग्राम हैरोइन (चिट्टा) एवं 15,000 रुपए भारतीय करेंसी बरामद की गई।
इस संबंध में उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना मनाली में धारा 21, मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है ।
वहीं दूसरे मामले में पुलिस थाना ब्रो की टीम ने एंटी चिट्टा ड्राइव, फेज-II के तहत सुनियोजित कार्रवाई करते हुए गाँव चाटी स्थित एक रिहायशी मकान में दबिश दी।
तलाशी के दौरान अंकित ठाकुर (30 वर्ष) पुत्र रमेश चन्द निवासी गाँव चाटी, डाकघर रामपुर, तहसील निरमण्ड, जिला कुल्लू (हि.प्र.), तथा उसके मित्र सन्नी एवं संजय पुत्र वंदे कजूर निवासी वार्ड नं. 2, पाटबंगला, डाकघर एवं तहसील रामपुर, जिला शिमला (हि.प्र.) के कब्जे से 2.17 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया।
इस संबंध में उपरोक्त आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना ब्रो में धारा 21 एवं 29, मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उपरोक्त दोनों मामलों में बरामद मादक पदार्थ का अनुमानित अवैध बाजार मूल्य लगभग 4,30,400 rupe आंका गया है।
पुलिस द्वारा बरामद मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति श्रृंखला तथा इस अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए गहन एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।
मामले के प्रत्येक पहलू का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर इसमें संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
