कुल्लू टुडे
केलांग
उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) केलांग कुनिका एकर्स की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय केलांग के सम्मेलन कक्ष में होटलियर्स एसोसिएशन के बैठक आयोजित की गई जिसमे होटल, कैंप पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
बैठक में होटलों एवं अन्य स्थायी पर्यटन ढांचों के पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन, प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रावधानों तथा कैंपों के पंजीकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने होटल एवं कैंप संचालकों को पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने की सलाह दी।
अधिकारियों ने बताया कि NOC से संबंधित अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही हैं तथा सभी संचालकों को अपना यूजर आईडी एवं पासवर्ड बनाकर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी चाहिए।
बैठक के दौरान होटलियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अनुरोध किया कि लाहौल में एक विशेष सुविधा शिविर आयोजित किया जाए, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर होटल एवं कैंप संचालकों के लंबित दस्तावेजीकरण, पंजीकरण एवं NOC संबंधी मामलों का मौके पर समाधान करें।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय व्यवसायियों का समय बचेगा तथा उन्हें विभिन्न कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अग्निशमन विभाग द्वारा सभी होटलों, कैंपों एवं पर्यटन इकाइयों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम कुनिका एकर्स ने होटल एवं कैंप संचालकों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके सभी वास्तविक एवं लंबित मुद्दों के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने सभी पर्यटन हितधारकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं आधिकारिक सोशल मीडिया पेज का नियमित रूप से अनुसरण करने का आग्रह किया।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के मद्देनजर उन्होंने सभी होटल एवं कैंप संचालकों को सतर्क रहने तथा मौसम एवं आपदा संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी।
एसडीएम ने यह भी कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा होटल एवं कैंप संचालकों को पर्यटकों को नदी-नालों एवं तेज बहाव वाले जल स्रोतों के निकट अनावश्यक साहसिक गतिविधियों से बचने की सलाह देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र के व्यवस्थित विकास, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा तथा सभी नियामकीय प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन पर बल दिया गया।
इस बैठक में डीएफओ इंद्रजीत सीरा, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी रतन चंद ,प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में होटल व्यवसायियों, कैंप संचालकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
