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कुल्लू टुडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

बिलासपुर की दावीं घाटी में स्थित राजकीय महाविद्यालय जुखाला में विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद करने को लेकर ग्रामीणों के साथ अभिभावक और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं।

लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इस कालेज में इन संकायों को बंद किया गया तो तमाम इलाकावासी आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन और सरकार की होगी।

इसी आश्य को लेकर इस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त की अनुपस्थिति में सहायक उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीडीसी राजपुरा अमित कुमार, जुखाला पंचायत प्रधान हरि राम, उपप्रधान रूप देई, कोटला पंचायत प्रधान सुमन कुमार, बीडीसी जुखाला रामपाल, पूर्व बीडीसी जुखाला निवा देवी, वार्ड सदस्य रिढ़ी जुखाला अनिल कुमार, बटोली जुखाला की सदस्य सुलोचना और जुखाला से कश्मीर सिंह, स्योहला से बुद्धि सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सरपाल सिंह ठाकुर ने बताया कि जुखाला क्षेत्र में यह कालेज वर्ष 2007 से सुचारू रूप से चल रहा है तथा कालेज के शुरूआती दौर से बच्चों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इस कालेज में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी 15 से 20 किलोमीटर दूर से आते हैं।

उन्होंने बताया कि जब से कालेज शुरू हुआ था तो केवल कला संकाय की कक्षाएं शुरू हुई थी, विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण इसमें सरकार ने वर्ष 2012 में वाणिज्य संकाय और वर्ष 2016 में विज्ञान की कक्षाएं शुरू की थी।

उन्होंने बताया कि कालेज में छात्राओं की संख्या छात्रों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
अधिकांश बेटियां गरीब परिवारों से ताल्लुक रखती हैं तथा शिक्षा ग्रहण करने और अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए दूर दूर से कालेज पहुंचती हैं।

यदि यहां पर उनकी रूचि के अनुसार संकाय को बंद कर दिया जाता है तो शिक्षा का कोई महत्व नहीं रह जाता है।

उन्होंने प्रशासन और सरकार से आग्रह किया है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए वे जुखाला कालेज से वाणिज्य और विज्ञान संकाय को बंद न करें।

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