कुल्लू टुडे
कुल्लू
साहित्य व कृषि सुधार में गहरी रूचि रखने वाले माउंट कैलाश एंड द वंडर लेक के लेखक पीसी बौध भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अतिक्ति सचिव के पद से सेवा निवृत हो गए।
कुल्लू जिला के बजौरा में रहने वाले पीसी बौध लाहुल-स्पीति जिला के स्पीति उपमंडल से संबंध रखते
हैं। लगभग 32 साल राज्य व केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके पीसी बौध कृषि क्षेत्र में सुधार लाने में भी गहरी रूचि रखते हैं।
इन्होंने केंद्र सरकार में कृषि निदेशक व संयुक्त सलाहकार के पद पर रहते हुए खास तौर पर कृषि क्षेत्र में सुधार लाने व किसानों की अर्थिकी को मजबूत करने की दिश में अपनी अग्रणी भुमिका निभाई है।
बकौल पीसी बौध एग्रो इकॉनिमिक रिसर्च सेंटर के माध्यम से उन्होंने कृषि से आर्थिकी को मजबूत करने के लिये अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करवाया। ताकि देश के किसान कृषि को अपनी आमदनी का बेहतर जरिया बना सकें।
उनका कहना है कि भारत कृषि के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी है। लेकिन जब उन्होंने पाया कि देश का किसान बड़ी संख्या में आत्महत्या जैसा कदम उठा रहा है तो उन्होंने इसको समझने का प्रयास किया।
बौध का कहना है कि जब उन्होंने किसान आत्महत्या बहुल इलाकों को दौरा किया और कृषि से जुड़ी योजनाओं को खंगाला तो पाया कि किसानों की आत्महत्या को आर्थिक व सामाजिक कारण माना जा रहा था।
लेकिन उसके सुधार में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे थे। जिस पर उन्होंने कृषि क्षेत्र को आर्थिकी से जोड़ने और उसे मजबूती देने के लिये योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की। वर्ष 2018 में एमएसपी योजना के माध्यम से कृषि को जोड़ते हुए किसानों को उनके उत्पाद का उचित मुल्य दिलाने के लिए काम किया गया। जिसके आने वाले समय में बेहतर परिणाम निकलेंगे।
इसके अलावा पीसी बौध वाणिज्य मंत्रालय, योजना आयोग, श्रम मंत्रालय सहित अनेक केंद्रीय मंत्रालयों में अपनी बेहतर सेवाएं दी। पीसी बौध साहित्य में भी गहरी रूचि रखते हैं। वह बताते हैं कि स्कूल समय से ही उनको मुंशी
प्रेमचंद की पुस्तकें पढ़ने को मिली और साहित्य के प्रति उनकी रूचि बढ़ती गई। कॉलेज के समय से ही उन्होंने लेखन शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में जब वह कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गये तो उन्होंने माउंट कैलाश
एंड द वंडर लेक पुस्तक लिखी, जो काफी चर्चित रही। इसके अलावा एक और प्रशांत काव्य संग्रह भी लिखा। जबकि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने अनकों पुस्तकें लिखी हैं।
हाल ही में पीसी बौध सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अतिरिक्त सचिव के पद से सेवा निवृत हुए। उन्होंनें बताया कि
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने नेशनल ब्रॉडकास्टिंग पॉलिसी पर काम करते हुए सोशल मीडिया को काफी अहमियत दी। बताया कि आने वाला दौर निश्चित तौर पर सोशल मीडिया का है और उसके लिए भारत सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय गंभीरता से काम कर रहा है।
उनकी सेवा निवृति पर बजौरा में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें हाट ंचायत के प्रधान बरकत अली, बौध सिविल सोसायटी के अध्यक्ष अनिल बौध सहित इलाके के गणमान्य लोग शामिल हुए।
