Spread the love

कुल्लू टुडे

विनोद महंत

कुल्लू नगर परिषद में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद एक बेहद दिलचस्प और अनूठा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है।

नगर परिषद के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस, भाजपा और आजाद पार्षदों ने एक साथ आकर पद और गोपनीयता की शपथ ली।

​राजनीति में अक्सर दिखने वाली तीखी खींचतान और दलीय प्रतिद्वंद्विता के बीच, इस तरह की एकजुटता ने हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
​
​आमतौर पर स्थानीय निकायों के चुनाव नतीजों के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदों पर कब्जा करने के लिए राजनीतिक दलों में पार्षदों की “बाड़ेबंदी” या खींचतान शुरू हो जाती है।

लेकिन कुल्लू में अलग अलग विचारधारा के पार्षदों का एक साथ और सौहार्दपूर्ण माहौल में शपथ लेना लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है।
​
​कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय पार्षदों की इस सामूहिक उपस्थिति के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा।

क्या दोनों प्रमुख दल किसी सर्वसम्मति पर पहुंचे हैं या यह सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत है, इस बात को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।

​हिमाचल प्रदेश की स्थानीय राजनीति में अमूमन कांटे की टक्कर देखने को मिलती है। ऐसे में कुल्लू का यह ‘गुलदस्ता’ रूपी शपथ ग्रहण समारोह इस बात का संकेत हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुल्लू नगर परिषद का संचालन किसी नए और अनूठे राजनीतिक तालमेल के साथ देखने को मिले।

Leave a Reply

error: Content is protected !!