कुल्लू टुडे
ज्वाली (कांगड़ा)
जिला स्तरीय दो दिवसीय बैसाखी मेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रंग में मनाया गया।
मेले के दूसरे दिन बुधवार को कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई।
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह से छिंज मेला स्थल तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भाग लिया।
इस दौरान उन्होंने पीर बाबा तथा जालपा माता मंदिर में माथा टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मेला स्थल पर कृषि मंत्री ने विशाल दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और अखाड़े में उतरने वाले पहलवानों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया।
दंगल प्रतियोगिता में दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रो. चंद्र कुमार ने लोगों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध परंपराएं और लोक संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना और अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मिनी हरिद्वार के रूप में प्रसिद्ध ज्वाली का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, जिसे पांडवों के अज्ञातवास से जोड़ा जाता है।
उन्होंने कहा कि दंगल जैसे पारंपरिक खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास करते हैं तथा सरकार इन खेलों और सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इससे पहले मेला कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र राजू ने कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
