कुल्लू टूडे
केलांग
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल – स्पीति के बरबोग में आयोजित लिस कार्निवाल से प्रशासन व प्रदेश सरकार को सीख लेनी चाहिए। क्षेत्र की 4 पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा आयोजित किए गए लिस कार्निवल में जहां बेहतर ढंग से लाहौल स्पीति के साथ-साथ जनजातीय जिला की संस्कृति से भी लोगों को रूबरू होने का मौका मिला वही हर चीज अनुशासनात्मक तरीके से आयोजित कर ने प्रशासन व सरकार को आइना दिखाया है।
यह बात लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने लिस कार्निवाल देखने पहुँचने के बाद पत्रकारों से कहा कि लाहौल स्पीति के इतिहास में अपने आप में यह कार्निवल एक अनोखा ऐसा कार्निवल है जिसमें 4 पंचायत के युवा एव महिला मण्डल के सदस्य बढचढ कर शिरकत तो कर ही रहे हैं बलकि सैलानियों को सैलानियों को लाहुली व्यंजन भी परोसे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे केलांग, बरबोग, युरनाथ, कारदंग के लोगों को बधाई देना चाहते है जिन्होंने कार्निवल का सफल आयोजन किया है। लिस कार्निवाल 12 हजार फुट की ऊंचाई पर मनाया जा रहा है।
कार्निवाल में स्नो क्रॉपत की बात करें तो लदाख से कागशिग की टीम ने बरबोग आकर बर्फ से बुध ड्रिलबुरी और पदमा सम्भव की कला कृतिया मूर्ति बना कर सबको अपनी और आकर्षित किया। यही नहीं आईटीबीपी की एक स्पेशल टीम जो दिल्ली से लाहुल पहुंच स्थानीय युवाओ को आर्चीरी का प्रशिक्षण दिया जिसके लिये मै प्रेमसिंह (डीआईजी) का विशेष रूप से आभार हु। जिन्होंने ने घाटी में युवाओं को एडवेंचर एक्टिविटी को प्रोमोट करने के लिये टेक्निकल सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओ ने इस लिस कार्निवाल में पर्यावरण और स्वच्छता का विषय ध्यान रखते हुय लोगो को प्लास्टिक की जगह पतल और कूल्ड इस्तेमाल करने के लिये प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे मुझे मौका मिला तो लिस कार्निवाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा। जिससे पर्यटन के साथ साथ शीत कालीन खेलो को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि लिस कार्निवाल से प्रशासन और सरकार को सीख लेनी चाहिए विंटर स्पोर्ट को बढ़ावा देने के लिए यहाँ के भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप किस प्रकार के गतिविधिया देश विदशी पर्यटक को आकर्षित करनी चाहिए।
