Spread the love

कुल्लू टूडे

कुल्लू

कुल्लू के ऐतिहासिक रथ मैदान में मंगलवार को फोरलेन संघर्ष समिति ने विशाल आंदोलन किया और इस रैली में सैंकड़ों प्रभावित-विस्थापितों ने भाग लिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और आंदोलनकारियों ने विपक्ष को भी नहीं बख्शा।

पिछले सात वर्षों से संघर्षरत फोरलेन प्रभावित व विस्थापितों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश नजर आया। पिछले सात सालों से संघर्ष कर रहे फोरलेन प्रभावितों की मांगों को न तो पक्ष ने सुना और न ही विपक्ष ने।

रैली को संबोधित करते हुए फोरलेन संघर्ष समिति के नेता एडवोकेट महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार ने कहा था कि फोरलेन संघर्ष समिति ने उन्हें हराया है और घर बिठाया है। उन्होंने कहा कि अब वर्तमान सरकार भी घर बैठने वाली है।

उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों दलों को घर बैठना पड़ेगा और हिमाचल में अब सत्तापक्ष व विपक्ष को सियासी जमीन नहीं मिलने वाली है।

उन्होंने कहा कि हम अपना हक मांग रहे हैं भीख नहीं लेकिन दोनों बड़े दलों की सरकार ने उनके साथ छलावा किया है।

उन्होंने दिल्ली व पंजाब का उदारहण देते हुए कहा कि अब हिमाचल में भी इन दलों के यही हाल होने बाले हैं।

वहीं समिति के नेता दवेंद्र नेगी ने भी अपने संबोधन में स्थानीय नेताओं पर हमला बोला।

उधर फोरलेन संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष दिनेश सेन ने भी इशारों- इशारों में दोनों बड़े दलों को खूब खरी-खोटी सुनाई।

उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के लिए भाजपा ने फोरलेन की समस्याओं को अपने घोषणापत्र में लाया और सत्ता में आने के बाद भूल गई।

उन्होंने कहा यह सरकार अंधी बहरी है और घोषणापत्र के 80 फीसदी वायदे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि माननीय अपनी तनख्वाह व पेंशन को बढ़ाती रही और आम जनता को भूल गई।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने अपने घोषणापत्र में बुजुर्गों को चार धाम की यात्रा करवाना अंकित किया था लेकिन बुजुर्गों को तो यात्रा करवाई नहीं अपना यात्रा भत्ता बढ़ा दिया।

उन्होंने कहा कि एक नेता के टेलीफोन का खर्चा 15 हजार है और यहां पूरे गांव का खर्चा इतना नहीं आता।

उन्होंने कहा कि अगर कोई नेता अपने घर में किसी को चाय-पानी भी पिलाता है तो उसके भी नेता को पैसे मिल रहे हैं लेकिन जिन लोगों के घर व जमीनें फोरलेन में गई उन्हें उचित मुआवजा तक नहीं दिया जा रहा है।

इसलिए यह सरकार किसान-बागबान व आम जनता की विरोधी सरकार है। इसके बाद यहां विशाल रैली का आयोजन किया गया और जिलाधीश के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया।

फोरलेन संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो इसके बाद क्रमिक अनशन होगा।

Leave a Reply

error: Content is protected !!