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कुल्लू टूडे

बिलासपुर, कश्मीर ठाकुर

बिलासपुर जिला का व्यापार इन दिनों बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहा है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि दुकानदारों को भूखों मरने की नौबत आ गई है।

ऐसे में ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म को सरकार द्वारा लाइसेंस देना और भी ज्यादा घातक साबित हो सकता है।

इसलिए सरकार को इस गंभीर मसले पर विचार करना चाहिए ताकि छोटे दुकानदार भी अपनी रोजी रोटी कमा सकें।

यह बात प्रैस को जारी बयान में बिलासपुर व्यापार मंडल के प्रधान नरेंद्र पंडित ने कही।

इससे पहले बिलासपुर व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार से मिला और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया।

प्रधान नरेंद्र पंडित ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे से राज्य में ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म को अनुमति देने की बढ़ती प्रवृत्ति से चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि गली मोहल्ले से लेकर जिला स्तर के छोटे दुकानदार प्रदेश राजस्व में कर देकर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करते हैं, लेकिन इस प्रकार की ऑनलाइन व्यवस्था इन छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों के लिए रोजी रोटी का संकट खड़ा कर देगी।

बात बिलासपुर की करें तो यहां पर फोरलेन निर्माण से दुकानदारी में बहुत बड़ा घाटा हुआ है, कई दुकानदारों की तो दुकानें तक बंद हो गई है।

उन्होंने कहा कि सरकारें आम आदमी के हितों की रक्षा का दावा करती हैं, लेकिन इस प्रकार के लाइसेंस देने से व्यापार का सारा लाभ बड़ी कंपनियों में चला जाएगा और छोटा दुकानदार रोजी रोटी के लिए लाचार हो जाएगा।

उन्होंने मांग की है कि ब्लिंकिट जैसे अल्ट्रा.फास्ट डिलीवरी प्लेटफॉर्म को नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाई जाए या इन्हें प्रतिबंधित किया जाए।

सरकार ऐसी योजनाओं का सृजन करें जिससे छोटे और मध्यम आकार के स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा मिले।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करती है तो प्रदेश के लाखों छोटे और मध्यम दुकानदारों को लाभ होगा।

इस प्रतिनिधिमंडल में प्रधान नरेंद्र पंडित के अलावा महासचिव तरूण टाडू, कोषाध्यक्ष विजय सोनी, विजय कुमार, राम लाल व विजय चंदेल आदि मौजूद रहे।

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