कुल्लू टूडे
सोलन
एसपी सोलन गौरव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला सोलन पुलिस ने कुख्यात नशा तस्करों जो बार बार मुकदमे दर्ज होने पर भी जमानत पर बाहर आकर नशा तस्करी में संलिप्त हो रहे हैं, पर नकेल कसते हुए प्रिवेंटिव डिटेंशन यानी निवारक हिरासत की कार्यवाही भी की है।
जिसका मकसद मादक पदार्थ तस्करी करने वाले आदतन अपराधियों को पुनः अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने से रोकना है।
जिसके लिए जिला पुलिस द्वारा PIT NDPS Act 1988 (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs & Psychotropic Substances) के प्रावधानों के अनुसार ऐसे आरोपियों को निवारक हिरासत में रखने की कार्यवाही की जा रही है।
जिस सन्दर्भ में मादक पदार्थ तस्करी करने वाले ऐसे 15 आदतन अपराधियों को निवारक हिरासत में रखने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
जो इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार/सक्षम प्राधिकारी के आदेशानुसार मादक पदार्थ तस्करी करने वाले एक आदतन अपराधी सचिन ठाकुर पुत्र इन्दर सिंह निवासी गाँव शिल्ली डाकखाना दामकड़ी तहसील व जिला सोलन हिमाचल प्रदेश को पुलिस थाना सदर सोलन की टीम द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत निवारणात्मक कार्यवाही करते हुए धारा 3(1) PIT NDPS Act 1988 के अंतर्गत हिरासत में लेकर 3 महीने के लिए जेल में भेजा गया है।
चूँकि आरोपी सचिन ठाकुर मादक पदार्थ की तस्करी का एक आदतन अपराधी है जिसके विरुध मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 02 मामले दर्ज है जो दोनों मामले पुलिस थाना सदर सोलन में पंजीकृत पाए गए है जिसमे 43 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था।
यह आरोपी इन मामलों में माननीय न्यायालय से जमानत पर था परन्तु फिर भी यह आरोपी नशा तस्करी में लगातार सक्रिय था और जिला पुलिस द्वारा बार बार पकड़े जाने के बाद जेल से जमानत पर बाहर आकर फिर नशा तस्करी करने लग जाता था।
इससे पहले भी सोलन पुलिस ने 2 कुख्यात नशा तस्कर आदतन अपराधी हितेंदर कुमार उर्फ़ रिंकू पुत्र अनंत राम निवासी गाँव क्यार डाकखाना सुझैला तहसील अर्की जिला सोलन हिमाचल प्रदेश उम्र 40 वर्ष व नीरज शर्मा पुत्र
तारा दत्त निवासी गाँव मलोग झागली डाक खाना तारा देवी तहसील व जिला शिमला हिमाचल प्रदेश उम्र 38 वर्ष हाल निवासी गाँव रावली डाकखाना वाकनाघाट तहसील कंडाघाट जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश को भी इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए जेल में भेजा जो अभी जेल में ही है।
नशा तस्करी को रोकने के लिए जिला पुलिस द्वारा आदतन अपराधियों की निवारक हिरासत की प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी।
