कुल्लू टूडे
कुल्लू
शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय सेवाओं और समर्पण के लिए एआरओ केएस गुलेरिया (एचपी जॉन सी क्षेत्रीय प्रबंधक) को डीएवी की अध्यक्ष डॉक्टर पूनम सूरी द्वारा समर्पण दिवस के अवसर पर महात्मा हंसराज अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
उसी के उपलक्ष्य पर कुल्लू के एक निजी बैंकेट हॉल में सम्मान समारोह शाम ए ग़ज़ल का भव्य रूप से आयोजन किया गया।
जिसमें उनके साथ उनकी धर्मपत्नी वंदना गुलेरिया तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य रणधीर सिंह राणा व उनकी धर्मपत्नी सुमन राणा तथा विद्यालय के सभी शिक्षक शामिल रहे।
उनका भव्य स्वागत फूलों की माला पहनकर व स्वागत गीत गाकर किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन किया गया।
उनके सम्मान में शाम ए ग़ज़ल की सांस्कृतिक महफिल में पंडित विद्यासागर तथा सूत्रधार कला संगम के अन्य कलाकारों ने मुख्य अतिथि के सम्मान में ग़ज़लों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दी।
महात्मा हंसराज सम्मान डीएवी संस्था द्वारा उन महान विभूतियों को समर्पित किया जाता है। जिन्होंने शिक्षा, समाज सेवा ,नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्र निर्माण की स्थापना में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह केवल प्रशंसा के ही नहीं बल्कि अनुकरण का पात्र होते हैं।
केएस गुलेरिया के व्यक्तित्व में विनम्रता, कार्यों में दृढ़ता व सोच में व्यापकता के कारण ही उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ। साथ ही साथ वह हिमाचल प्रदेश के सभी डीएवी संस्थाओं को चलाने की अद्भुत शक्ति रखते हैं।
उन्होंने सम्मान ग्रहण करते हुए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है।
बल्कि उनसे जुड़े सभी लोगों जैसे उनके अभिभावक, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य व शिक्षकों की मेहनत का प्रतीक है जो समाज को बेहतर बनाने में लगे हुए हैं।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि हिमाचल के प्रत्येक डीएवी का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा तथा साथ ही साथ प्रत्येक स्कूल के उत्थान के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करने हेतु सभी शिक्षकों को प्रेरित भी किया।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत खुशी व गर्व की बात है कि एक हज़ार विद्यालयों में हिमाचल प्रदेश जोन सी के क्षेत्रीय प्रबंधक के.एस.गुलेरिया को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
यह उनकी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का ही नतीजा है और परमपिता परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि वह भविष्य में निरंतर इसी तरह की सफलताओं को प्राप्त करते रहें।
